
Kerala केरल: केरल में भरतपुझा नदी क्षेत्र में जल प्रबंधन को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां मलमपुझा डैम से छोड़ा गया पानी अब प्रभावी रूप से संग्रहित नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रशासन को आशंका है कि सूखे से निपटने के लिए छोड़ा गया पानी बिना उपयोग के नदी में बहकर बर्बाद हो सकता है।
यह स्थिति पेनकुलम वझालीपदम-ओट्टापलम मन्ननूर डैम के कंक्रीट ढांचे में आई क्षति के कारण उत्पन्न हुई है। जानकारी के अनुसार, डैम के कई हिस्सों में कंक्रीट की परतें टूट गई हैं और अंदर मौजूद लोहे की संरचना भी उजागर हो गई है, जिससे इसकी मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह वही डैम है जो वर्ष 2018 की बाढ़ के दौरान पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका था और बाद में इसके पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी पुनर्निर्माण कार्य के दौरान फिर से संरचनात्मक नुकसान सामने आया है, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल मलमपुझा डैम से छोड़े गए पानी को रोकना संभव नहीं हो पा रहा है और यह पानी भरतपुझा नदी की ओर बहने की संभावना है। इससे न केवल जल संग्रहण प्रभावित हो रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की जल आपूर्ति प्रणाली पर भी संकट मंडरा रहा है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, डैम की वास्तविक क्षति का पूरा आकलन तभी संभव होगा जब नदी का जल स्तर कम होगा और संरचना का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। तब तक नुकसान की वास्तविक सीमा स्पष्ट नहीं हो सकी है।
इस डैम से जुड़े पानी को पंप हाउस के माध्यम से चेलक्कारा और थलप्पिल्ली तालुकों के विभिन्न हिस्सों में जल आपूर्ति के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन वर्तमान स्थिति में पानी का भंडारण संभव नहीं होने से आपूर्ति प्रणाली प्रभावित हो सकती है।
यदि स्थिति इसी तरह बनी रही और पानी भरतपुझा में बहता रहा, तो पंप हाउस तक पर्याप्त जल नहीं पहुंच पाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत और नियंत्रण उपाय नहीं किए गए, तो यह संकट और गंभीर हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संरचनात्मक विफलता केवल तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि जल प्रबंधन व्यवस्था की बड़ी चुनौती को भी दर्शाती है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई के लिए तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण जारी है।





