केरल

अमृतकुलम ट्राइबल पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल दो हफ्ते में होगा शुरू मरम्मत का काम पूरा

Kavita2
1 Sept 2026 3:21 PM IST
अमृतकुलम ट्राइबल पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल दो हफ्ते में होगा शुरू मरम्मत का काम पूरा
x

केरल: अमृतकुलम ट्राइबल पोस्ट-मैट्रिक हॉस्टल को जल्द शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। करीब एक साल से अधिक समय से बंद पड़े इस हॉस्टल को दो सप्ताह के भीतर खोलने और संचालन शुरू करने का फैसला लिया गया है। जिला विकास समिति की बैठक में कलेक्टर एनी जुला थॉमस ने इसकी जानकारी दी।

कलेक्टर ने बताया कि हॉस्टल की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और अब इसे दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

विधायक की मांग पर लिया गया फैसला

हॉस्टल को जल्द शुरू करने का मुद्दा जिला विकास समिति की बैठक में उठा था। विधायक विष्णु मोहन ने बैठक में मांग रखी थी कि आदिवासी छात्रों की सुविधा को देखते हुए बंद पड़े हॉस्टल को जल्द से जल्द चालू किया जाए।

विधायक की मांग पर जवाब देते हुए कलेक्टर एनी जुला थॉमस ने कहा कि हॉस्टल की मरम्मत पूरी हो चुकी है और इसे दो सप्ताह के भीतर छात्रों के लिए खोल दिया जाएगा।

एक साल से अधिक समय से बंद था हॉस्टल

अमृतकुलम ट्राइबल पोस्ट-मैट्रिक हॉस्टल पिछले एक साल से ज्यादा समय से बंद पड़ा था। हॉस्टल बंद होने के कारण यहां रहने वाले आदिवासी छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

छात्रों की सुविधा के लिए उन्हें फिलहाल अनुसूचित जाति (SC) छात्रों के लिए बनाए गए हॉस्टल में अस्थायी रूप से रखा गया है।

हालांकि, अलग हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्रों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

अपना हॉस्टल मिलने से दूर होगी परेशानी

अधिकारियों का कहना है कि अमृतकुलम ट्राइबल पोस्ट-मैट्रिक हॉस्टल के दोबारा शुरू होने से आदिवासी छात्रों की समस्या का समाधान हो जाएगा।

छात्रों को अब अपने लिए निर्धारित हॉस्टल में रहने की सुविधा मिलेगी। इससे उनके रहने, पढ़ाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं में सुधार होगा।

मरम्मत कार्य हुआ पूरा

कलेक्टर ने बताया कि हॉस्टल भवन की आवश्यक मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। अब केवल संचालन शुरू करने से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

प्रशासन की ओर से हॉस्टल में छात्रों के रहने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

आदिवासी छात्रों की शिक्षा को मिलेगा समर्थन

पोस्ट-मैट्रिक हॉस्टल आदिवासी छात्रों की उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे हॉस्टल छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और रहने की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।

प्रशासन का मानना है कि हॉस्टल शुरू होने से छात्रों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी और उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने का बेहतर माहौल मिलेगा।

छात्रों और अभिभावकों में खुशी

हॉस्टल खुलने की खबर से छात्रों और उनके अभिभावकों में राहत है। लंबे समय से छात्र अपने अलग हॉस्टल के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को दूर रहकर पढ़ाई करने में रहने की सुविधा बेहद जरूरी होती है। हॉस्टल शुरू होने से उनकी चिंता कम होगी।

प्रशासन ने तय की समय सीमा

जिला प्रशासन ने हॉस्टल शुरू करने के लिए दो सप्ताह की समय सीमा तय की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।

प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हॉस्टल खुलने के बाद छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।

शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने की पहल

अमृतकुलम ट्राइबल पोस्ट-मैट्रिक हॉस्टल का संचालन शुरू होना आदिवासी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं कि पिछड़े और आदिवासी समुदाय के छात्रों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।

हॉस्टल के दोबारा खुलने से छात्रों को सुरक्षित आवास, बेहतर अध्ययन वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रशासन की इस पहल से आदिवासी छात्रों की शिक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Next Story