
मुवाट्टुपुझा : केरल के मुवाट्टुपुझा शहर में एक बड़ी थोक किराना दुकान से कथित तौर पर ₹1.37 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दुकान के अकाउंटेंट के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि अकाउंटेंट ने सामान की बिक्री से प्राप्त रकम में हेराफेरी कर बड़ी राशि का गबन किया।
मुवाट्टुपुझा पुलिस ने कावुंकरा इलाके में संचालित ‘के.एम.पी. एंड कंपनी’ नामक थोक किराना दुकान के अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई दुकान के मालिक की शिकायत के आधार पर की गई है।
दुकान मालिक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, दुकान के मालिक मुवाट्टुपुझा के कोट्टाकुन्नेल निवासी शाजी (54) ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लंबे समय से दुकान में काम कर रहा अकाउंटेंट बिक्री से प्राप्त रकम का सही हिसाब नहीं दे रहा था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच में कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता चला।
20 साल से अकाउंटेंट के पद पर था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रुंडारकारा इलाके का रहने वाला है और वह करीब 20 वर्षों से दुकान में अकाउंटेंट के रूप में काम कर रहा था।
लंबे समय तक दुकान के वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन की जिम्मेदारी संभालने के कारण उसे कारोबार की आर्थिक गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसने रकम में हेराफेरी की।
बिक्री की रकम में गड़बड़ी का आरोप
मामले के अनुसार, दुकान में सामान की बिक्री से आने वाली रकम में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई। आरोप है कि बिक्री से प्राप्त राशि का एक हिस्सा दुकान के खाते में जमा नहीं किया गया और उसका इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया।
पुलिस ने बताया कि कथित गबन की राशि करीब ₹1.37 करोड़ है।
अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुई कथित धोखाधड़ी
शिकायत के अनुसार, यह कथित वित्तीय धोखाधड़ी 20 अप्रैल 2025 से 27 फरवरी 2026 के बीच हुई।
इस अवधि के दौरान हुए लेनदेन, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस तरह और किन माध्यमों से गबन की गई।
वित्तीय दस्तावेजों की जांच जारी
मुवाट्टुपुझा पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के दौरान दुकान के खाते, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय विवरणों की समीक्षा की जाएगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित गबन में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
व्यापारिक संस्थानों में सतर्कता की जरूरत
इस तरह के मामले व्यापारिक संस्थानों में वित्तीय निगरानी और पारदर्शी लेखा व्यवस्था की आवश्यकता को सामने लाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित ऑडिट और लेनदेन की निगरानी से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने आरोपी अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।





