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CP में कार्रवाई: निषेधाज्ञा उल्लंघन पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं कई FIR
Tara Tandi
17 Oct 2026 10:52 AM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में निषेधाज्ञा (prohibitory orders) के उल्लंघन को लेकर शनिवार को कई एफआईआर (FIR) दर्ज कीं। अधिकारियों ने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये एफआईआर 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेशों के उल्लंघन के लिए दर्ज की गई हैं। पुलिस ने बताया कि लोगों से वहां से चले जाने की घोषणाएं की गई थीं, लेकिन पाबंदियों के बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई।
यह कार्रवाई तब हुई है जब शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर 'तिरंगा रैली' निकाली।
इस बीच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को सेंट्रल पार्क में पार्टी की 'लहरा दो तिरंगा' रैली के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें शनिवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा।
CJP की लीगल अफेयर्स हेड, रत्ना सिंह ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा। अभी उनकी लोकेशन का पता नहीं है और वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है।"
मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के दौरान, 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की नेता नेहा बोरा को भी मंडी हाउस के पास हिरासत में लिया गया। खबरों के अनुसार, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
ये गिरफ्तारियां और हिरासतें उस तनाव के बीच हुई हैं, जो CJP के दो सह-संयोजकों - सौरव दास और आशुतोष रांका - की गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड के बाद पैदा हुआ है। इन दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में घुसकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बता दें कि उससे एक दिन पहले ही जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित (notify) करने का आदेश रद्द कर दिया गया था।
एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बार है जब दिल्ली पुलिस ने दिपके को हिरासत में लिया है। इससे पहले, मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए थे, जिसमें 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर का आरोप लगाया गया था। शुक्रवार को प्रस्तावित रैली से पहले, पुलिस ने दिपके को एक नोटिस दिया, जिसमें कहा गया था कि कनॉट प्लेस विरोध-प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह नहीं है और नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने प्रस्तावित 'तिरंगा यात्रा' के लिए अनुमति नहीं दी है।
BNSS की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि मार्च का आयोजन करना या भीड़ इकट्ठा करना, इलाके में लागू निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन होगा।
अपने आवास पर पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान, दिपके ने अपनी हिरासत के आधार पर सवाल उठाया और पूछा, "आपने मुझ पर किस तरह का आरोप लगाया है?" जब उन्हें बताया गया कि वे नई दिल्ली नहीं जा सकते और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है, तो उन्होंने पूछा कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर कोई रोक नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के जुलूस निकालना या पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए भीड़ इकट्ठा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। दिपके को 'फ्लैग कोड' (ध्वज संहिता) के उन नियमों की भी याद दिलाई गई, जो तिरंगे को सम्मान के साथ प्रदर्शित करने से संबंधित हैं।
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