
मलप्पुरम : केरल के कदमपुझा इलाके में पुलिस ने स्कूली छात्रों और युवाओं को कथित तौर पर ड्रग्स सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से गांजा और एमडीएमए (MDMA) बरामद किया है। यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन तूफान अभियान के तहत की गई एंटी-ड्रग गतिविधियों के दौरान हुई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान जाबिर (33) के रूप में हुई है। वह पुथेनपीडियन, उरुलियानकुन्नू, मेलमुरी इलाके का रहने वाला बताया गया है। पुलिस टीम ने इंस्पेक्टर वीके श्रीजेश के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जाबिर अपनी कार के जरिए स्कूली छात्रों और अन्य लोगों को मादक पदार्थ बेच रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी कार को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से तीन पैकेट में रखा करीब 20 ग्राम गांजा मिला। इसके अलावा एक ड्रिंकिंग स्ट्रॉ के अंदर छिपाकर रखा गया लगभग 160 मिलीग्राम MDMA भी बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से 2,500 रुपये नकद भी मिले हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि यह रकम गांजा बेचकर हासिल की गई थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लंबे समय से नशीले पदार्थों की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। जांच में सामने आया है कि जाबिर कदमपुझा पुलिस स्टेशन की गुंडा सूची में भी शामिल है। इसके अलावा वलंचेरी समेत अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में उसके खिलाफ चार मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को ड्रग्स कहां से मिल रहे थे और वह किन लोगों के माध्यम से इन्हें छात्रों और अन्य युवाओं तक पहुंचा रहा था। जांच एजेंसियां ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों को निशाना बनाकर नशीले पदार्थों की बिक्री करना बेहद गंभीर अपराध है। पुलिस ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए लगातार अभियान चला रही है। ऑपरेशन तूफान के तहत नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा नाबालिगों को नशे की चपेट में लाने के आरोपों को देखते हुए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस अधिकारी राजीव, अरुण, सनल और एएसआई श्रीजा की टीम ने की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर उनके आसपास कोई व्यक्ति ड्रग्स की बिक्री या सप्लाई में शामिल दिखाई देता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं और छात्रों में नशे की बढ़ती समस्या समाज के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। स्कूल और कॉलेज के आसपास सक्रिय ड्रग नेटवर्क को रोकने के लिए पुलिस, शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर ड्रग सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच के दौरान इस नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
फिलहाल जाबिर की गिरफ्तारी को पुलिस नशे के खिलाफ अभियान में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मान रही है। पुलिस का कहना है कि छात्रों और युवाओं को ड्रग्स से बचाने के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी।





