अभाविप बैठक में शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा, पेपर लीक रोकने के लिए पारदर्शी तंत्र की मांग

एर्नाकुलम : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक केरल के एर्नाकुलम में 1 और 2 अगस्त को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने इस बैठक में संगठन के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में आगामी वर्ष की कार्ययोजना को लेकर रणनीति तैयार की गई और छात्र हितों को प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया गया।
बैठक का सबसे अहम मुद्दा प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले रहे। अभाविप ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं और इससे परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। संगठन ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभाविप ने पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलनों का समर्थन करने की बात कही और सरकार से परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने की मांग की।
अभाविप पदाधिकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य का आधार होती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता छात्रों के साथ बड़ा अन्याय है। संगठन ने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को उचित अवसर मिल सके।
बैठक में देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अभाविप ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
संगठन ने शिक्षा को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए अभाविप अपनी पहुंच को और मजबूत करेगा। संगठन ने आने वाले समय में देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में अपनी गतिविधियों को बढ़ाने और अधिक छात्रों तक पहुंच बनाने की योजना बनाई है।
अभाविप की बैठक में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के लिए शिक्षा, संस्कार और नेतृत्व क्षमता का विकास जरूरी है। संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को छात्रों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान आगामी वर्ष के लिए कई संगठनात्मक योजनाओं पर चर्चा हुई। अभाविप ने तय किया कि छात्र समस्याओं को लेकर देशभर में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्थानीय स्तर की समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों को शामिल किया जाएगा। संगठन का उद्देश्य छात्रों की आवाज को मजबूत मंच देना और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रयास करना है।
बैठक के समापन सत्र में सभी प्रतिनिधियों ने छात्र हितों और शिक्षा सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का संकल्प लिया। अभाविप ने कहा कि संगठन हमेशा छात्रों के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करता रहेगा।
एर्नाकुलम में हुई यह बैठक संगठन की आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पेपर लीक, शिक्षा सुधार और छात्र समस्याओं को लेकर लिए गए फैसलों का असर आने वाले समय में अभाविप के अभियानों में दिखाई देगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहेगा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करेगा।





