केरल

गाड़ी में बना था सीक्रेट बॉक्स तलाशी में निकले 1 करोड़ 44 लाख रुपये

Ratna Netam
2 Sept 2026 4:30 PM IST
गाड़ी में बना था सीक्रेट बॉक्स तलाशी में निकले 1 करोड़ 44 लाख रुपये
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वायनाड। केरल-कर्नाटक सीमा पर पुलिस की वाहन जांच के दौरान ऐसा मामला सामने आया जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। एक कार की तलाशी लेते समय पुलिस को ड्राइवर की सीट के नीचे खास तरीके से बनाया गया **सीक्रेट बॉक्स** मिला। बॉक्स खोला गया तो उसके अंदर नोटों के बंडल भरे हुए थे। गिनती करने पर कुल रकम **1 करोड़ 44 लाख 50 हजार रुपये** निकली। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी को छिपाकर ले जाने के मामले में कार में सवार तीन युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मामला केरल के वायनाड जिले में स्थित थोलपेट्टी इलाके का है। यहां थिरुनेल्ली पुलिस और जिला एंटी नारकोटिक्स स्पेशल एक्शन फोर्स यानी DANSAF की टीम कर्नाटक की तरफ से केरल में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान कर्नाटक नंबर की एक कार को रोका गया। शुरुआत में यह सामान्य वाहन जांच थी, लेकिन कार में सवार लोगों के व्यवहार पर संदेह होने के बाद पुलिस ने वाहन की बारीकी से तलाशी लेने का फैसला किया।
कर्नाटक से आ रही थी कार
पुलिस के मुताबिक जिस कार से नकदी बरामद की गई उसका रजिस्ट्रेशन नंबर **KA 13 Z 9121** है। कार कर्नाटक की ओर से वायनाड में प्रवेश कर रही थी। थोलपेट्टी चेकपोस्ट पर पुलिस और DANSAF की संयुक्त टीम ने उसे रोक लिया।
बताया गया है कि टीम मूल रूप से क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान कार में सवार लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने तीनों से अलग-अलग पूछताछ की और इसके बाद वाहन की विस्तृत जांच शुरू की।
पहली नजर में कार में कुछ असामान्य दिखाई नहीं दिया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने जब ड्राइवर की सीट और उसके नीचे के हिस्से को ध्यान से देखा तो उन्हें शक हुआ।
सीट के नीचे मिला खास तरीके से बनाया गया बॉक्स
कार की जांच आगे बढ़ी तो ड्राइवर की सीट के नीचे एक विशेष रूप से तैयार किया गया गुप्त खांचा मिला। यह सामान्य कार का हिस्सा नहीं था बल्कि नकदी या दूसरी वस्तुओं को छिपाकर ले जाने के लिए बनाया गया प्रतीत हो रहा था।
पुलिस ने जब इस सीक्रेट बॉक्स को खोला तो उसके अंदर नोटों के कई बंडल रखे हुए मिले। इसके बाद सभी नोट बाहर निकाले गए और उनकी गिनती की गई।
पुलिस के अनुसार बॉक्स से कुल **1,44,50,000 रुपये** बरामद किए गए। इतनी बड़ी नकदी देखकर टीम ने तत्काल कार और रकम को कब्जे में लेकर उसमें सवार तीनों लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
सीक्रेट बॉक्स जिस तरह बनाया गया था, उससे पुलिस को आशंका है कि कार में बदलाव जानबूझकर किया गया था ताकि सामान्य जांच के दौरान नकदी आसानी से दिखाई न दे।
तीन युवकों को पुलिस ने पकड़ा
पुलिस ने कार में सवार तीनों लोगों की पहचान भी सार्वजनिक की है। इनमें **20 वर्षीय प्रभु राज**, **23 वर्षीय स्वप्निल** और **26 वर्षीय राहुल** शामिल हैं।
प्रभु राज केरल के कोझिकोड जिले के वडकारा इलाके का रहने वाला बताया गया है। स्वप्निल कन्नूर जिले के पनूर का निवासी है, जबकि राहुल महाराष्ट्र का रहने वाला है।
तीनों को हिरासत में लेकर नकदी के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य के बारे में पूछताछ की गई। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे आखिर किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
आरोपियों ने बताई सोना कारोबार से जुड़ी कहानी
स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पकड़े गए लोगों ने पूछताछ में दावा किया कि उनका कन्नूर में सोने का कारोबार है और यह रकम सोना बेचने के बाद मिली थी। उनका कहना था कि वे बेंगलुरु से यह पैसा लेकर कन्नूर लौट रहे थे।
पुलिस ने उनके बयान की शुरुआती जांच की। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक बयान के कुछ हिस्से प्रथम दृष्टया सही पाए गए, लेकिन समस्या यह थी कि इतनी बड़ी रकम को अपने पास रखने और ले जाने से संबंधित जरूरी दस्तावेज वे तत्काल प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसी कारण पुलिस ने रकम को जब्त कर लिया। आगे दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि रकम वैध कारोबार से जुड़ी थी या इसके पीछे कोई दूसरा नेटवर्क सक्रिय था।
इसलिए जांच पूरी होने से पहले नकदी को निश्चित तौर पर अवैध या हवाला रकम घोषित करना उचित नहीं होगा, हालांकि कुछ स्थानीय रिपोर्टों ने इसे संदिग्ध हवाला धन बताया है।
पुलिस तलाश रही रकम का असली स्रोत
पुलिस के सामने फिलहाल तीन प्रमुख सवाल हैं—**1.44 करोड़ रुपये कहां से आए, इसे कहां ले जाया जा रहा था और आखिर यह रकम किसे दी जानी थी?**
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
पुलिस वित्तीय लेन-देन और पकड़े गए लोगों के बयानों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या तीनों युवक खुद रकम के मालिक हैं या केवल इसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम कर रहे थे।
अगर जांच में किसी बड़े नेटवर्क का लिंक सामने आता है तो मामले का दायरा बढ़ सकता है।
कार भी पुलिस ने की जब्त
नकदी के साथ पुलिस ने उस कार को भी कब्जे में ले लिया है जिसमें सीक्रेट बॉक्स बनाया गया था। जांच में वाहन की मॉडिफिकेशन भी महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है।
पुलिस यह पता लगा सकती है कि कार में यह गुप्त खांचा कब और कहां तैयार किया गया था। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या इससे पहले भी इसी वाहन का इस्तेमाल नकदी या दूसरी संदिग्ध वस्तुओं को ले जाने के लिए किया गया था।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार वाहन में बने सीक्रेट कंपार्टमेंट का उद्देश्य बड़ी मात्रा में नकदी को सामान्य नजरों से छिपाना था।
नशे की तलाश में मिले करोड़ों रुपये
इस कार्रवाई की एक दिलचस्प बात यह है कि पुलिस और DANSAF की टीम मूल रूप से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जांच कर रही थी।
DANSAF नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के खिलाफ विशेष कार्रवाई करने वाली टीम है। कर्नाटक से केरल आने वाले वाहनों की जांच के दौरान टीम को इस कार पर शक हुआ। ड्रग्स की तलाश में शुरू हुई तलाशी आखिरकार करोड़ों रुपये की नकदी की बरामदगी तक पहुंच गई।
कार सवारों का संदिग्ध व्यवहार और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई विस्तृत तलाशी इस बरामदगी में अहम साबित हुई।
थोलपेट्टी चेकपोस्ट क्यों है महत्वपूर्ण?
थोलपेट्टी केरल-कर्नाटक सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से कर्नाटक की ओर से बड़ी संख्या में वाहन वायनाड में प्रवेश करते हैं।
सीमावर्ती मार्ग होने के कारण पुलिस यहां नियमित रूप से वाहनों की जांच करती है। खासतौर पर नशीले पदार्थों, बिना दस्तावेज की नकदी और अन्य अवैध सामान की आवाजाही रोकने के लिए जांच अभियान चलाए जाते हैं।
ताजा बरामदगी ने एक बार फिर ऐसे सीमावर्ती रास्तों पर विशेष रूप से मॉडिफाई किए गए वाहनों के इस्तेमाल की आशंका को सामने ला दिया है।
सीक्रेट बॉक्स ने बढ़ाया शक
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल कार में बने सीक्रेट बॉक्स को लेकर है। अगर पैसा पूरी तरह वैध कारोबार से प्राप्त हुआ था तो उसे सामान्य तरीके से ले जाने के बजाय ड्राइवर की सीट के नीचे बनाए गए गुप्त खांचे में क्यों रखा गया?
पुलिस की जांच में इस सवाल का जवाब महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि नकदी छिपाकर ले जाना अपने आप में उसके आपराधिक स्रोत को साबित नहीं करता। रकम के वास्तविक स्रोत, उससे जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित कारोबार की जांच के बाद ही इसकी वैधता पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
यही वजह है कि पुलिस फिलहाल पूरे नेटवर्क और वित्तीय स्रोत की जांच कर रही है।
पुलिस टीम ने ऐसे की कार्रवाई
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इस अभियान का नेतृत्व थिरुनेल्ली सर्किल इंस्पेक्टर **टीएम निधीश** ने किया। उनके साथ स्टेशन हाउस ऑफिसर एमसी पवनन और पुलिस तथा DANSAF के अन्य अधिकारी शामिल थे।
संयुक्त टीम ने पहले वाहन को रोका, फिर उसमें सवार लोगों से पूछताछ की और इसके बाद कार की विस्तृत तलाशी ली। इसी दौरान ड्राइवर की सीट के नीचे बने सीक्रेट बॉक्स का पता चला।
आगे वित्तीय जांच होगी अहम
1.44 करोड़ रुपये की बरामदगी के बाद अब सबसे अहम हिस्सा वित्तीय जांच का है। अगर पकड़े गए लोगों का दावा है कि रकम सोना बेचने से मिली थी तो जांच एजेंसियां संबंधित कारोबारी दस्तावेज, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य प्रमाण मांग सकती हैं।
इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि रकम को नकद रूप में एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी और उसे सीक्रेट बॉक्स में क्यों छिपाया गया।
फिलहाल पुलिस ने नकदी और वाहन को कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ाई है। मामले में किसी बड़े हवाला या दूसरे अवैध नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
थोलपेट्टी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखाया है कि सामान्य दिखने वाले वाहनों में विशेष बदलाव करके बड़ी मात्रा में नकदी छिपाई जा सकती है। इस बार ड्राइवर की सीट के नीचे बने सीक्रेट बॉक्स ने पूरा राज खोल दिया और पुलिस के हाथ **1 करोड़ 44 लाख 50 हजार रुपये** की बड़ी रकम लगी। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस नकदी का वास्तविक मालिक कौन है और इसे किस मकसद से ले जाया जा रहा था।
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