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तिरुवनंतपुरम: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना के कप्तान बनने पर केरल से उन्हें एक म्यूज़िकल ट्रिब्यूट (संगीत के ज़रिए सम्मान) दिया गया है। एक क्रिकेट इतिहासकार ने उनके शानदार करियर का जश्न मनाते हुए एक गाना लिखा है।
केरल के क्रिकेट इतिहासकार और मंधाना के बड़े प्रशंसक प्रोफ़ेसर वशिष्ठ ने इस गाने के बोल लिखे हैं, जबकि उनकी पूर्व छात्रा सिलु फ़ातिमा ने इसका संगीत तैयार किया है और अपनी आवाज़ दी है।
यह गाना सोशल मीडिया पर रिलीज़ किया गया है और क्रिकेट फ़ैन्स का ध्यान खींच रहा है।
भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे लोकप्रिय महिला खिलाड़ियों में से एक, मंधाना ने पहले ही कई सम्मान हासिल कर लिए हैं।
वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं जिसने 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप जीता था और 2016 तथा 2022 में भारत की जीत वाली महिला एशिया कप टीमों की सदस्य भी रही हैं। मंधाना ने 2022 और 2026 एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने दो महिला प्रीमियर लीग (WPL) खिताब भी जीते हैं।
उनके बैटिंग रिकॉर्ड ने उन्हें महिला इंटरनेशनल क्रिकेट की अहम हस्तियों में से एक बना दिया है। मंधाना इंटरनेशनल महिला क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनके नाम कई बड़े बैटिंग रिकॉर्ड हैं। वह तीनों फ़ॉर्मेट - टेस्ट, वनडे और T20I - में इंटरनेशनल शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
मंधाना ने अपनी शानदार उपलब्धियों में एक और उपलब्धि तब जोड़ी, जब वह श्रीलंका के ख़िलाफ़ एशियाई खेलों के फ़ाइनल के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में 11,000 रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं।
प्रोफ़ेसर वशिष्ठ के लिए, यह गाना इस भारतीय स्टार के प्रति लंबे समय से चली आ रही उनकी प्रशंसा का एक नया रूप है। उन्होंने पहले भी मंधाना पर बुकलेट तैयार की हैं और केरल के कई महिला कॉलेजों में उन्हें समर्पित फ़ोटो प्रदर्शनी आयोजित की हैं।
प्रोफ़ेसर का मानना है कि मंधाना के कप्तान बनने से भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और सफल दौर की शुरुआत हो सकती है। उन्हें उम्मीद है कि वह 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत को मेडल जिताएंगी, जहाँ क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी होगी।
अंग्रेज़ी में लिखे गए इस गाने में मंधाना के एक मशहूर बल्लेबाज़ से भारतीय महिला टीम की कप्तान बनने तक के सफ़र को दिखाया गया है।
फ़ातिमा, जो कभी वशिष्ठ की स्टूडेंट थीं, ने उनके इस ट्रिब्यूट को संगीत का रूप दिया है।
केरल के क्रिकेट इतिहासकार के लिए, यह गाना सिर्फ़ एक स्पोर्ट्स आइकन का जश्न नहीं है। यह उनके इस विश्वास को भी दिखाता है कि मंधाना लड़कियों की नई पीढ़ी को क्रिकेट अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं और भारतीय महिला क्रिकेट को और ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद कर सकती हैं।
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