केरल
सुहैल सजीव को बचाने के लिए पैसे का खेल? पीड़ित परिवार ने जताया शक
Tara Tandi
14 Oct 2026 10:41 AM IST

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कोच्चि: नए आरोपों से पता चलता है कि सुहैल सजीव—जो एक करोड़पति का बेटा है और जिसने नेडुम्बसेरी में सड़क के बीचों-बीच तीन छात्राओं को कुचलकर मार डाला था—उसे बचाने की कोशिशें चल रही हैं। पीड़ित लड़कियों के परिवारों को खुद शक है कि पुलिस और प्रभावशाली लोग उसे बचा रहे हैं।
FIR से सुहैल का नाम हटाने, उसे बोर्स्टल स्कूल भेजने और सोशल मीडिया पर पीड़ितों के साथ बदसलूकी करने जैसी बातों को लेकर पीड़ितों के माता-पिता को इस मामले में गड़बड़ी का शक है। पीड़िता गोपिका (जो पलक्कड़ की रहने वाली थी) के परिवार ने भी आरोप लगाया है कि मामले को खराब करने की कोशिश की जा सकती है। देविका (जो वायनाड की रहने वाली थी) के परिवार ने कुछ दिन पहले विरोध प्रदर्शन किया था। इस बीच, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भरोसा दिलाया कि आरोपी को ज़्यादा से ज़्यादा सज़ा दी जाएगी। आरोपी पर गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide) का आरोप लगाया गया है।
सुहैल के साथ, सह-आरोपी—जोएल एस. एंटो, अमीन शाह और निनाव—भी कक्कानाड बोर्स्टल स्कूल में रखे गए हैं; वे सभी 19 साल के हैं। अंगमाली मजिस्ट्रेट कोर्ट परसों सुहैल की ज़मानत अर्ज़ी पर विचार करेगी। पुलिस ने आरोपी की कस्टडी के लिए अर्ज़ी दायर की। रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हादसा शराब के नशे में तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने की वजह से हुआ। कस्टडी अर्ज़ी में इस बात की जाँच करने की ज़रूरत बताई गई है कि क्या सुहैल ने कोई और नशीला पदार्थ लिया था और इस संभावना पर भी ज़ोर दिया गया है कि अमीर सुहैल गवाहों को प्रभावित कर सकता है। 1. FIR में सुहैल का नाम लिखने के बजाय, उस व्यक्ति को सिर्फ़ KL 07 CR-1001 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली कार के ड्राइवर के तौर पर दर्ज किया गया।
पता "अज्ञात" लिखा गया था और शराब पीकर गाड़ी चलाने का कोई ज़िक्र नहीं था। FIR रविवार सुबह 6:59 बजे दर्ज की गई, जबकि हादसा रात 1:45 बजे हुआ था। 2. केरल बोर्स्टल स्कूल एक्ट और जेल के नियमों के मुताबिक, इस सुविधा में सिर्फ़ 16 से 21 साल की उम्र के अपराधियों को ही रखा जाना चाहिए। हालांकि, विचाराधीन कैदी सुहैल को वहां रखने के फैसले पर शक पैदा हुआ। 3. गोपिका के शव का पोस्टमार्टम पूरा होने और चीरों को टांकने के बाद, खून के नमूने लेने के लिए दूसरा पोस्टमार्टम किया गया। गोपिका के पिता ने आरोप लगाया कि सर्कल इंस्पेक्टर (CI) ने कहा कि यह "ऊपर से मिले आदेशों" के कारण किया जा रहा था। "FIR में सुहैल का नाम इसलिए नहीं था क्योंकि पीड़ितों के दोस्तों को उसका नाम नहीं पता था।" - के.एस. सुदर्शन, ग्रामीण SP, अलुवा "यह साबित हो चुका है कि सुहैल ने शराब पी रखी थी। गैर-इरादतन हत्या के लिए अधिकतम सज़ा दस साल की जेल और जुर्माना है।" - एडवोकेट सी.पी. उदयभानु, क्रिमिनल लॉ एक्सपर्ट
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