
वेनमनी: ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक और साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने खुद को एक बड़ी IT कंपनी का प्रतिनिधि बताकर एक महिला से करीब 10 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन के जरिए महिला को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने खुद को NSE कंपनी का प्रतिनिधि बताकर महिला को ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बदले कमाई का झांसा दिया और धीरे-धीरे उसका भरोसा जीतकर बड़ी रकम ठग ली।
इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुई ठगी की कहानी
जानकारी के मुताबिक, वेनमनी की रहने वाली महिला ने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में ऑनलाइन काम और पैसे कमाने का दावा किया गया था। विज्ञापन में खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने संपर्क के लिए एक व्हाट्सऐप नंबर भी दिया था।
महिला ने जब उस नंबर पर संपर्क किया तो आरोपियों ने उसे ऑनलाइन टास्क पूरा करने की बात कही। इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां कई लोग पहले से मौजूद थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने ग्रुप में मौजूद फर्जी सदस्यों के जरिए महिला को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि यह एक वास्तविक ऑनलाइन कमाई का प्लेटफॉर्म है।
छोटे टास्क देकर जीता भरोसा
आरोपियों ने शुरुआत में महिला को छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क दिए। इन टास्क को पूरा करने पर उसे कुछ लाभ मिलने का भरोसा दिलाया गया।
धीरे-धीरे महिला को बड़े टास्क दिए जाने लगे और उसे बताया गया कि ज्यादा निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा मिलेगा। आरोपियों की बातों में आकर महिला ने पैसे लगाने शुरू कर दिए।
पुलिस के अनुसार, ठगों ने कई चरणों में महिला से रकम ट्रांसफर करवाई। उन्होंने QR कोड, PhonePe और अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल कर पैसे मंगवाए।
कई खातों में ट्रांसफर कराए पैसे
आरोपियों ने महिला को अलग-अलग बहाने बनाकर बार-बार भुगतान करने के लिए मजबूर किया। कभी टास्क पूरा करने के नाम पर तो कभी पैसा निकालने के लिए अतिरिक्त शुल्क जमा करने का झांसा दिया गया।
इस तरह महिला से करीब 10 लाख रुपये की रकम कई बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली गई।
जब महिला को लगा कि उसके पैसे वापस नहीं मिल रहे हैं और लगातार नए भुगतान की मांग की जा रही है, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद पुलिस ने दबोचे आरोपी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
जांच के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं और क्या उन्होंने पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
साइबर ठगी से बचने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे विज्ञापनों से सावधान रहें, जिनमें कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का दावा किया जाता है।
पुलिस ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे निवेश नहीं करने चाहिए और किसी भी ऑनलाइन टास्क या नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। वे पहले भरोसा पैदा करते हैं और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम ठग लेते हैं।
डिजिटल सावधानी ही बचाव
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, व्हाट्सऐप नंबर या टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने से पहले उसकी जांच जरूर करें। बैंक खाते, OTP, UPI पिन या निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
वेनमनी की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस साइबर गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।





