केरल

जंगली हाथियों के झुंड ने फसलों को पहुंचाया नुकसान, वन विभाग ने खदेड़कर जंगल की ओर भेजा

Kavita2
27 July 2026 5:38 PM IST
जंगली हाथियों के झुंड ने फसलों को पहुंचाया नुकसान, वन विभाग ने खदेड़कर जंगल की ओर भेजा
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पालक्कड़ (केरल): थिरुविझमकुन्नू कैटल फार्म क्षेत्र में डेरा डाले हुए जंगली हाथियों के झुंड को वन रक्षकों और फार्म कर्मचारियों की मदद से साइलेंट वैली बफर जोन की ओर खदेड़ने की कोशिश की गई, लेकिन इस दौरान हाथियों ने आसपास के इलाकों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, फार्म के जंगल क्षेत्र में मौजूद तीन हाथियों को शनिवार रात करीब 9 बजे वहां से हटाने का अभियान शुरू किया गया। वन विभाग के कर्मचारियों और फार्म कर्मियों ने मिलकर हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजने का प्रयास किया। हालांकि, अभियान के दौरान हाथियों को पूरी तरह नियंत्रित करना आसान नहीं रहा।

टीम ने रविवार तड़के करीब 1 बजे हाथियों को खदेड़ने की कोशिश रोक दी और वापस लौट गई। इसके बाद जंगल से बाहर आए हाथियों ने कप्पाराम के नायरकुंडी इलाके में पहुंचकर कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथियों ने रबर, नारियल, केला और सुपारी के पेड़ों को नष्ट कर दिया। इस घटना से कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। थोनीकारा अबूबकर, थोनीकारा उमर, थोनीकारा हम्सा और चेरियाथ अब्दुरहमान की फसलें हाथियों की चपेट में आ गईं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी वापस थिरुविझमकुन्नू कैटल फार्म के जंगल क्षेत्र में लौट गए हैं। विभाग अब हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और इलाके में निगरानी बढ़ाई गई है।

थिरुविझमकुन्नू फॉरेस्ट स्टेशन के डिप्टी रेंज ऑफिसर ने शनिवार रात करीब 8 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि हाथियों को क्षेत्र से हटाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की थी।

इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। जंगल से सटे क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को अक्सर जंगली जानवरों के कारण फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है।

वन विभाग का कहना है कि हाथियों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें उनके प्राकृतिक आवास की ओर वापस भेजना प्राथमिकता है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अभियानों में सावधानी बरतनी पड़ती है ताकि वन्यजीवों और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

फिलहाल विभाग हाथियों की निगरानी कर रहा है और प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन से भी क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की गई है।

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