केरल

35 साल पुराना अनाकुलम पुल जर्जर, हादसे का खतरा

Kavita2
23 Aug 2026 4:47 PM IST
35 साल पुराना अनाकुलम पुल जर्जर, हादसे का खतरा
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अनाकुलम। टी.आर. एंड टी. रबर एस्टेट की सीमा पर स्थित अनाकुलम कावु तक जाने वाला अनाकुलम फुटब्रिज लंबे समय से जर्जर हालत में है। करीब 35 वर्ष पहले पेरुवंथनम पंचायत द्वारा बनाया गया यह पुल अब सुरक्षा के लिहाज से चिंता का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण के बाद से पुल की उचित मरम्मत नहीं हुई है, जिसके कारण इसकी हालत लगातार खराब होती चली गई।

यह फुटब्रिज आसपास के लोगों के लिए महज एक पैदल रास्ता नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण माध्यम है। एस्टेट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए मुंडाक्कम ईस्ट की ओर से लंबा रास्ता तय किए बिना मुंडाक्कम और कोरूथोडु पहुंचने का यह सबसे आसान मार्ग माना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस पुल का इस्तेमाल करते हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल से गुजरने वालों में रबर एस्टेट के श्रमिकों की संख्या भी काफी अधिक है। plantation workers के अलावा आसपास रहने वाले लोग मंदिर जाने और मुंडाक्कम-कोरूथोडु रोड तक पहुंचने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पुल की खराब स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

पुल की सबसे गंभीर समस्याओं में इसकी टूटी हुई रेलिंग शामिल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलिंग कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है और इसकी मरम्मत नहीं की गई। पुल के कई अन्य हिस्से भी टूट चुके हैं। रेलिंग नहीं होने के कारण पुल से गुजरने वाले लोगों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और भारी सामान लेकर चलने वाले श्रमिकों के लिए।

पुल के खंभों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण खंभों पर लगा सीमेंट का प्लास्टर ढीला होकर कई जगह से निकल चुका है। इसके नीचे लगे पत्थर दिखाई देने लगे हैं। इससे पुल की मजबूती और लंबे समय तक इसके सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवल मामूली मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी। पुल का तकनीकी निरीक्षण कर यह तय किया जाना चाहिए कि इसकी मरम्मत करके इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है या फिर पुराने ढांचे को हटाकर नया फुटब्रिज बनाना अधिक उचित होगा।

करीब 35 वर्ष पुराने इस पुल का निर्माण उस समय स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था। समय के साथ आसपास की आबादी और श्रमिकों की आवाजाही बढ़ती गई, लेकिन पुल की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को उसी अनुपात में बेहतर नहीं किया गया। नतीजतन, आज यह महत्वपूर्ण मार्ग जर्जर ढांचे और सुरक्षा जोखिम के बीच इस्तेमाल किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि पुल बंद कर देने से भी स्थानीय निवासियों और श्रमिकों को बड़ी परेशानी होगी। इसके कारण उन्हें वैकल्पिक मार्ग से मुंडाक्कम ईस्ट की ओर जाकर लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे समय और यात्रा खर्च दोनों बढ़ेंगे। इसलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि पुल को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की जाए।

अनाकुलम कावु तक पहुंचने के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण है। मंदिर जाने वाले श्रद्धालु नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा मुंडाक्कम-कोरूथोडु रोड तक पहुंचने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग पर निर्भर हैं। धार्मिक और दैनिक जरूरतों के कारण पुल पर लगातार आवाजाही बनी रहती है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, रोजाना सैकड़ों लोग इस पुल से गुजरते हैं। ऐसे में यदि ढांचे का कोई हिस्सा अचानक टूटता है या कोई व्यक्ति टूटी रेलिंग वाले हिस्से से संतुलन खो देता है तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

पुल की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता लंबे समय से बनी हुई है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और पंचायत को मौके का निरीक्षण कर पुल की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत या पुनर्निर्माण का निर्णय लिया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने पुल की रेलिंग को तत्काल ठीक करने की मांग की है। यदि पुल के पुनर्निर्माण में समय लगता है तो कम से कम अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर मजबूत बैरिकेड और रेलिंग लगाई जानी चाहिए। इससे लोगों को कुछ हद तक सुरक्षा मिल सकती है और दुर्घटना की आशंका कम की जा सकती है।

लोगों का यह भी कहना है कि मरम्मत कार्य के दौरान पैदल यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि एस्टेट के श्रमिकों और अन्य निवासियों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो। लंबे समय तक इस मार्ग को बंद रखना स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है।

पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय समुदाय अब जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है। 35 साल पुराने इस ढांचे की उपेक्षा अब भारी पड़ सकती है। खासकर तब, जब रोजाना सैकड़ों लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हों और पुल की रेलिंग तथा खंभों की हालत पहले ही खराब हो चुकी हो।

अनाकुलम फुटब्रिज स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था और आज भी यह क्षेत्र की आवाजाही की अहम कड़ी बना हुआ है। लेकिन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में इसकी हालत ऐसी हो गई है कि सुविधा का यह माध्यम अब संभावित खतरे का कारण बन रहा है। लोगों की मांग है कि संबंधित अधिकारी तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाएं और पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू करें, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले इस महत्वपूर्ण रास्ते को सुरक्षित बनाया जा सके।

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