
कासरगोड: केरल के कासरगोड जिले में इस साल मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और बाढ़ ने किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। जिले में अब तक 3180 किसानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मानसूनी आपदा के कारण जिले में करीब 2.78 करोड़ रुपये की फसल क्षति हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह नुकसान 1 जून के बाद से हुई भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के दौरान दर्ज किया गया है। खास तौर पर 1 अगस्त से 5 अगस्त के बीच बारिश का प्रभाव अधिक रहा, जिसके कारण कई इलाकों में खेतों में पानी भर गया और फसलों को नुकसान पहुंचा।
मॉनसून के कारण जिले में लगभग 37 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। अलग-अलग ब्लॉकों से मिले आंकड़ों के अनुसार, किसानों को फसल, खेती की जमीन और कृषि गतिविधियों से जुड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है।
सबसे ज्यादा नुकसान परप्पा ब्लॉक में दर्ज किया गया है। यहां 955 किसानों की फसल प्रभावित हुई और करीब 26.05 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान हुआ। इस क्षेत्र में अनुमानित आर्थिक क्षति लगभग 1.30 करोड़ रुपये बताई गई है। बारिश और जलभराव के कारण किसानों की तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा।
नीलेश्वरम ब्लॉक भी मानसून की मार से प्रभावित रहा। यहां 674 किसानों को नुकसान हुआ है और करीब 9.73 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ। अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 56.74 लाख रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया है।
कान्हांगड ब्लॉक में भी बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हुए हैं। यहां 576 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा और 36.94 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। इस इलाके में कुल नुकसान लगभग 39.79 लाख रुपये आंका गया है।
कराडुका ब्लॉक में 305 किसानों को मानसूनी बारिश का नुकसान झेलना पड़ा। यहां 74.47 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ और करीब 17.60 लाख रुपये की क्षति दर्ज की गई है।
कासरगोड ब्लॉक में भी बारिश का असर देखने को मिला। यहां 502 किसानों की फसल प्रभावित हुई और करीब 62.48 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान दर्ज किया गया। इस क्षेत्र में अनुमानित नुकसान लगभग 16.12 लाख रुपये बताया गया है।
कृषि अधिकारियों का कहना है कि बारिश और बाढ़ के कारण कई जगहों पर खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हुए हैं। किसान अब सरकार से राहत और मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं।
मॉनसून के दौरान होने वाली प्राकृतिक आपदाएं हर साल किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं। खासकर छोटे और सीमांत किसान ऐसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, क्योंकि फसल खराब होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है।
जिला प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने और क्षति का विस्तृत विवरण जुटाने का काम जारी है। इसके आधार पर राहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों का कहना है कि अचानक आई भारी बारिश और बाढ़ के कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। कई किसानों ने खेती के लिए कर्ज लिया था और अब फसल खराब होने से आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि नुकसान का सही आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कासरगोड जिले में मानसून से हुए नुकसान के ये आंकड़े बताते हैं कि भारी बारिश का कृषि क्षेत्र पर व्यापक असर पड़ा है। आने वाले दिनों में नुकसान का अंतिम आकलन होने के बाद प्रभावित किसानों को मिलने वाली राहत की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।





