
कोच्चि: पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद, पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास को झटका देते हुए, केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति के नटराजन और न्यायमूर्ति जॉनसन जॉन की खंडपीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश ने आवेदकों को एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपायों को अपनाने से नहीं रोका। अदालत ने कहा, "उपरोक्त के मद्देनजर, अपील की अनुमति मांगने वाले सभी आवेदन खारिज किए जाते हैं।"
एकल न्यायाधीश ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 66(2) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भेजी गई जानकारी के आधार पर, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
पिनाराई विजयन और अन्य के वकील ने तर्क दिया कि एकल न्यायाधीश ने उन्हें सुनने की अनुमति दिए बिना आदेश पारित किया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। एकल न्यायाधीश ने देखा था कि, नोटबुक और डायरियों के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य पुलिस प्रमुख को भेजी गई जानकारी में पर्याप्त सामग्री थी, जिसमें कई गवाहों और संदिग्ध व्यक्तियों के बयान शामिल थे। एकल न्यायाधीश ने कहा था, "बिना एफआईआर दर्ज किए जांच करने के लिए एक विशेष टीम बनाने का सरकार का निर्णय मामले के तथ्यों में अवैध पाया गया है और इसलिए, इसे रद्द कर दिया गया है।





