
कोच्चि: केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को 2018 में वायलिन वादक बालाभास्कर की जान लेने वाली कार दुर्घटना की और जांच करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI), जिससे 20 संदिग्ध परिस्थितियों पर गंभीरता से ध्यान देने की उम्मीद थी, ने इस मामले को हल्के और लापरवाही भरे तरीके से लिया। एजेंसी ने और जांच करने के लिए एक इंस्पेक्टर को नियुक्त किया, जो पहले जांच करने वाले अधिकारी से निचले पद का था।
इंस्पेक्टर ने और जांच के दौरान CBI जैसी जांच एजेंसी की पेशेवर कुशलता का इस्तेमाल करके उन संदिग्ध परिस्थितियों की सच्चाई का पता लगाने की कोई कोशिश नहीं की। ऐसे में, मृतक संगीतकार के माता-पिता की किसी सक्षम अधिकारी से और जांच कराने की मांग को खारिज नहीं किया जा सकता, भले ही काफी समय बीतने के कारण सबूत मिट गए हों।
जस्टिस जी गिरीश ने यह आदेश मृतक बालाभास्कर के माता-पिता, के सी उन्नी और बी संथाकुमारी की याचिका पर दिया। उन्होंने तिरुवनंतपुरम की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें और जांच की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।





