
तिरुवनंतपुरम: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के चल रहे अभियान ने पश्चिम बंगाल में CPM और उसकी कट्टर प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक बातचीत का एक नया और अप्रत्याशित रास्ता खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ एक संयुक्त विपक्षी मोर्चा बनाने के CPM महासचिव एम.ए. बेबी के आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
बेबी की यह पहल पांच वामपंथी दलों - CPM, CPI, CPI(ML) लिबरेशन, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और फॉरवर्ड ब्लॉक - के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें वे INDIA गठबंधन से इतर विपक्षी दलों, नागरिक समाज समूहों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक बुद्धिजीवियों को एक साझा मंच पर लाना चाहते हैं। वे चुनाव आयोग और BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जुड़े गंभीर मुद्दों का विरोध करना चाहते हैं।
CPM का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम बंगाल में यह पार्टी और TMC एक-दूसरे की कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं और दोनों के बीच सालों से कड़ी राजनीतिक लड़ाई चल रही है।
मीडिया से बात करते हुए बेबी ने कहा कि उन्होंने एक व्यापक मंच बनाने की कोशिश के तहत विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क किया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके को भी पत्र लिखकर इस पहल के लिए समर्थन मांगा है।
जब उनसे CPM और ममता बनर्जी की TMC के बीच सहयोग की संभावना के बारे में पूछा गया, तो बेबी ने माना कि पश्चिम बंगाल में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक समीकरण अलग हैं। उन्होंने कहा, "हालांकि बंगाल में राजनीतिक स्थिति अलग है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर सभी गैर-BJP विपक्षी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल मिलकर काम कर सकते हैं।"





