केरल

ADGP अजित के ख़िलाफ़ आरोपों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई में देरी

Subhi
22 Sept 2026 10:49 AM IST
ADGP अजित के ख़िलाफ़ आरोपों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई में देरी
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तिरुवनंतपुरम: विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व लॉ एंड ऑर्डर ADGP एम.आर. अजित कुमार पर लगे आरोपों के मामले में जवाबदेही तय करने का वादा करते हुए ज़ोर-शोर से प्रचार करने वाला UDF, उन्हें सस्पेंड करने के बाद अब पीछे हटता हुआ दिख रहा है।

हालांकि 1995 बैच के इस अधिकारी के सस्पेंशन का आदेश 24 जुलाई को जारी किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक उन पर लगे आरोपों की औपचारिक जांच के लिए जांच अधिकारी (IO) नियुक्त नहीं किया है। हालांकि ऑल इंडिया सर्विसेज़ (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 में जांच अधिकारी की नियुक्ति के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं बताई गई है, लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि चूंकि अधिकारी को विभागीय जांच लंबित रहने तक लगभग दो महीने पहले सस्पेंड कर दिया गया था, इसलिए IO की नियुक्ति में देरी अजीब लग रही है। अजित को 24 जुलाई को सस्पेंड किया गया था, जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने रिपोर्ट दी थी कि उन्होंने दिसंबर 2023 में अलाप्पुझा में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की ज्यादती की जांच में दखल दिया था।

उस समय लॉ एंड ऑर्डर ADGP रहे इस अधिकारी ने कथित तौर पर तत्कालीन CM पिनाराई विजयन के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स की मदद करने के लिए जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी, जो जांच के दायरे में थे। ऑल-इंडिया सर्विस के मामले में, किसी अधिकारी को 90 दिनों तक सस्पेंड किया जा सकता है और इसे आगे बढ़ाने के लिए, 90 दिनों की अवधि के भीतर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए।

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