
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। कर्नाटक फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने खाद्य सामग्री के भंडारण और रखरखाव में कथित तौर पर गंभीर कमियां पाए जाने के बाद क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto के एक वेयरहाउस और एक इंदिरा कैंटीन को सील कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की सुरक्षा, गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों की जांच के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर की गई। विभाग ने होसकोटे तालुक में निप्पॉन एक्सप्रेस परिसर में स्थित Zepto के वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा, स्टोरेज, लेबलिंग और उन्हें संभालने की प्रक्रिया की जांच की गई।
विभाग ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों को रखने और संभालने के तरीकों में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा परिसर में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने गलत लेबलिंग और गलत ब्रांड के इस्तेमाल से संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और इसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के तहत की गई। विभाग के अनुसार, खाद्य पदार्थों के भंडारण और संचालन में नियमों का पालन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में रखी खाद्य सामग्री और उसके भंडारण की व्यवस्था को भी देखा। क्विक-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में खाद्य और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं रखी जाती हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों के लिए निर्धारित तापमान, साफ-सफाई, पैकेजिंग, लेबलिंग और रखरखाव के नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।
विभाग का कहना है कि निरीक्षण में सामने आई खामियां खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसी आधार पर वेयरहाउस को सील किया गया। विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस भी जारी किया है। साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित निर्णय लेने वाले अधिकारी को सिफारिश भेजी गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई केवल निजी क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। इसी अभियान के तहत बेंगलुरु की एक इंदिरा कैंटीन को भी सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। कैंटीन में भी खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़े मानकों में कमी पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
इंदिरा कैंटीन कर्नाटक में आम लोगों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था के रूप में संचालित की जाती हैं। ऐसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं, इसलिए यहां खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकारी और निजी दोनों तरह के खाद्य प्रतिष्ठानों पर नियमों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
खाद्य पदार्थों की गलत लेबलिंग भी विभाग की जांच में महत्वपूर्ण बिंदु रही। पैकेज्ड खाद्य सामग्री पर सही जानकारी उपलब्ध होना उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है। लेबल पर उत्पाद से जुड़ी आवश्यक जानकारी स्पष्ट नहीं होने या गलत जानकारी दिए जाने से उपभोक्ता को नुकसान हो सकता है। इसी कारण खाद्य सुरक्षा नियमों में लेबलिंग के लिए निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक है।
विभाग ने गलत ब्रांड के इस्तेमाल को भी कार्रवाई का आधार बताया है। किसी खाद्य उत्पाद को निर्धारित ब्रांड या लेबल के अनुरूप न रखना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय हो सकता है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान सामने आए ऐसे मामलों को रिकॉर्ड किया और इसके आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
बेंगलुरु में क्विक-कॉमर्स सेवाओं के विस्तार के साथ खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन आपूर्ति भी तेजी से बढ़ी है। उपभोक्ताओं को कम समय में किराना और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कंपनियां शहर और उसके आसपास कई वेयरहाउस संचालित करती हैं। इन वेयरहाउस में खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना कंपनी और संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालक की जिम्मेदारी होती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई कार्रवाई ऐसे वेयरहाउस में स्वच्छता और भंडारण मानकों की निगरानी की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। खासकर ऐसे खाद्य उत्पाद जिन्हें तापमान नियंत्रित वातावरण में रखना जरूरी होता है, उनके लिए उचित स्टोरेज व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है। नोटिस जारी किए जाने के बाद संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सकता है। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर सक्षम अधिकारी आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबार से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों में भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी समय-समय पर होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन, गोदाम और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हैं। इसका उद्देश्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।
खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और सुरक्षित रखरखाव में थोड़ी भी लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है। इसलिए खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए स्वच्छता, उचित तापमान, सुरक्षित पैकेजिंग, सही लेबलिंग और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल Zepto के संबंधित वेयरहाउस और इंदिरा कैंटीन को सील करने के बाद विभाग ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की सिफारिश के आधार पर सक्षम अधिकारी मामले में आगे का निर्णय लेंगे। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विभाग की सख्ती का संकेत है।
बेंगलुरु में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की आपूर्ति और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि केवल खाद्य सामग्री की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, लेबलिंग और सुरक्षित भंडारण भी सुनिश्चित करना आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।





