
मैसूर। गणेश उत्सव के आयोजन को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में पुलिस द्वारा गणेशोत्सव मनाने पर बेवजह रोक लगाई जा रही है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि गणेश उत्सव समितियों से जुड़े युवाओं को पुलिस अधिकारियों द्वारा धमकाया जा रहा है। पार्टी ने इसे धार्मिक आयोजन में अनुचित हस्तक्षेप बताते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
विवाद मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा में हुई एक घटना से जुड़ा है। आरोप है कि यहां एक पुलिस इंस्पेक्टर ने गणेश समिति से जुड़े युवाओं को सार्वजनिक रूप से धमकाया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कांग्रेस सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहार मनाने पहुंचे युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी लोगों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करने की थी, वही अधिकारी एक समुदाय के पक्ष में काम करता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव मनाने आए युवाओं को धमकाना गंभीर मामला है और इसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बीजेपी नेता ने कहा कि यह स्थिति बेहद दुखद है कि लोगों को अपने ही देश और अपनी ही जमीन पर गणेशोत्सव धूमधाम से मनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिसमें हिंदू समुदाय के लोगों को अपने धार्मिक आयोजन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ये आरोप बीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और मामले में संबंधित अधिकारी अथवा सरकार का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
प्रह्लाद जोशी ने संबंधित पुलिस इंस्पेक्टर धनंजय को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सार्वजनिक रूप से धमकाने के आरोप गंभीर हैं और ऐसे अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। जोशी के अनुसार कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों को किसी भी धार्मिक या सामाजिक समूह के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया नहीं अपनाना चाहिए।
बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि राज्य के अलग-अलग स्थानों पर गणेश उत्सव के आयोजनों को लेकर अनावश्यक नियम और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि आयोजन समितियों के सदस्यों को अनुमति और व्यवस्था के नाम पर परेशान किया जा रहा है। टी. नरसीपुरा की घटना को बीजेपी ने इसी कथित व्यवहार का उदाहरण बताया है।
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार से पूछा है कि आखिर धार्मिक आयोजन में शामिल युवाओं को धमकाने वाले अधिकारी के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि किसी आयोजन से कानून-व्यवस्था की समस्या होने की आशंका है तो प्रशासन को आयोजकों के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्हें नियमों की जानकारी देकर समाधान निकालना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक रूप से धमकाना उचित नहीं है।
बीजेपी ने यह भी कहा कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा और परिवार शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान प्रशासन की जिम्मेदारी सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि टी. नरसीपुरा में पुलिस का रवैया सहयोगपूर्ण होने के बजाय टकराव वाला दिखाई दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि त्योहार मनाने वाले युवाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार माफ करने योग्य नहीं है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपों की सत्यता सामने लाने की मांग की। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने किन परिस्थितियों में युवाओं से बातचीत की और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।
बीजेपी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठा सकती है। पार्टी का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिकों के सम्मान से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी समुदायों को अपने त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का समान अवसर मिले।
वहीं, इस पूरे विवाद में पुलिस अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और घटना का पूरा विवरण सामने आना आवश्यक है। किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले प्रशासनिक स्तर पर घटनाक्रम की जांच और दोनों पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल बीजेपी ने अपनी मांग स्पष्ट करते हुए इंस्पेक्टर धनंजय को तत्काल निलंबित करने को कहा है।
टी. नरसीपुरा की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। बीजेपी इसे धार्मिक आयोजनों और हिंदू समुदाय के अधिकारों से जोड़कर कांग्रेस सरकार को घेर रही है। वहीं सरकार और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगा कि घटना को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल प्रह्लाद जोशी के बयान के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार से जवाब मांगते हुए कहा है कि गणेश उत्सव समितियों के युवाओं को डराने या धमकाने की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। पार्टी की मुख्य मांग संबंधित इंस्पेक्टर का तत्काल निलंबन और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच है





