कर्नाटक

कर्नाटक में धीमी रफ्तार से चल रहा अमृत भारत स्टेशन योजना का काम

Kavita2
10 Aug 2026 4:15 PM IST
कर्नाटक में धीमी रफ्तार से चल रहा अमृत भारत स्टेशन योजना का काम
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बेंगलुरु। कर्नाटक में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास के लिए शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत काम की रफ्तार धीमी बनी हुई है। राज्य में इस योजना के तहत कुल 61 रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चुना गया है, लेकिन अब तक केवल 12 स्टेशनों का काम पूरा हो सका है। बाकी स्टेशनों पर अलग-अलग चरणों में काम चल रहा है।

राज्यसभा सदस्य मंसूर अली खान की ओर से 7 अगस्त को पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने योजना की प्रगति से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में कुल 1,340 रेलवे स्टेशनों को विकास और पुनर्विकास के लिए चुना गया है। इनमें से अब तक 261 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है, जबकि अन्य स्टेशनों पर कार्य अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहा है।

कर्नाटक के 61 स्टेशन योजना में शामिल

रेल मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कर्नाटक में कुल 61 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है। इन स्टेशनों में राज्य के कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों के रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

योजना के तहत चित्रदुर्ग, दावणगेरे, हरिहर, होस्पेट, बेल्लारी, शिवमोग्गा, तुमकुरु, मैसूर, मंगलुरु, हुबली, विजयपुरा, रायचूर, कलबुर्गी, हासन और बैंगलोर कैंटोनमेंट जैसे प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं।

इन स्टेशनों के पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं के अनुरूप तैयार करना है।

12 स्टेशनों का काम पूरा

कर्नाटक में योजना के तहत जिन 12 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है, उनमें अलनावर, बादामी, बागलकोट, बंटवाल, धारवाड़, गदग, गोकक रोड, होस्पेट, कोप्पल, मुनिराबाद, राणेबेन्नूर और सुब्रह्मण्य रोड शामिल हैं।

इन स्टेशनों पर पुनर्विकास के बाद यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। वहीं राज्य के बाकी चयनित स्टेशनों पर अभी निर्माण कार्य या योजना से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं चल रही हैं।

कई चरणों में आगे बढ़ रहा काम

रेल मंत्री ने बताया कि योजना के तहत सभी स्टेशनों का काम एक ही स्तर पर नहीं है। कई स्टेशनों पर कार्यान्वयन का चरण चल रहा है, जबकि कुछ जगह टेंडर प्रक्रिया और अन्य स्थानों पर मास्टर प्लान तैयार करने का काम किया जा रहा है।

इसका मतलब है कि योजना में शामिल सभी स्टेशनों पर निर्माण कार्य एक साथ शुरू नहीं हुआ है। आवश्यक प्रशासनिक, तकनीकी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग-अलग स्टेशनों पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

कर्नाटक में 61 में से केवल 12 स्टेशनों का काम पूरा होने से करीब पांचवां हिस्सा ही अब तक पूरा हुआ है। इससे बाकी स्टेशनों के पुनर्विकास को लेकर यात्रियों की उम्मीदें बनी हुई हैं।

देशभर में 261 स्टेशन तैयार

अमृत भारत स्टेशन योजना केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार ने देशभर में 1,340 रेलवे स्टेशनों को इस योजना के तहत विकसित करने का लक्ष्य रखा है। रेल मंत्री के अनुसार, इनमें से 261 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है।

बाकी स्टेशनों पर भी अलग-अलग चरणों में गतिविधियां चल रही हैं। सरकार का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करना और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है।

प्रमुख स्टेशनों के पुनर्विकास पर नजर

कर्नाटक में योजना के तहत कई बड़े और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन शामिल किए गए हैं। मैसूर, मंगलुरु, हुबली, बेल्लारी, कलबुर्गी और बैंगलोर कैंटोनमेंट जैसे स्टेशनों का राज्य के रेल नेटवर्क में महत्वपूर्ण स्थान है।

इन स्टेशनों पर पुनर्विकास पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बड़े स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या भी अधिक रहती है, इसलिए इनके विकास का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।

यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं की उम्मीद

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पुनर्विकास के बाद स्टेशनों का स्वरूप बेहतर होने के साथ यात्री सुविधाओं में भी सुधार की उम्मीद है।

हालांकि, कर्नाटक के 61 चयनित स्टेशनों में अब तक केवल 12 का काम पूरा हुआ है। ऐसे में बाकी स्टेशनों के यात्रियों को परियोजना के पूरा होने का इंतजार है।

काम की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत

राज्यसभा में सामने आए आंकड़े कर्नाटक में परियोजना की मौजूदा स्थिति को स्पष्ट करते हैं। 61 चयनित स्टेशनों में 12 का काम पूरा होना यह बताता है कि बड़ी संख्या में स्टेशन अभी निर्माण या प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं।

रेलवे के सामने अब चुनौती यह है कि टेंडरिंग, मास्टर प्लानिंग और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर शेष स्टेशनों पर निर्माण कार्य तेज किया जाए। इससे अमृत भारत स्टेशन योजना का लाभ अधिक से अधिक यात्रियों तक पहुंच सकेगा।

कर्नाटक में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और यात्री सुविधाओं की बढ़ती मांग के बीच अमृत भारत स्टेशन योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब राज्य के बाकी 49 स्टेशनों के काम की गति और उनके पूरा होने की समयसीमा पर यात्रियों की नजर रहेगी।

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