कर्नाटक

कांगो और युगांडा में इबोला को WHO ने वैश्विक आपात स्थिति घोषित किया

Kavita2
23 May 2026 12:47 PM IST
कांगो और युगांडा में इबोला को WHO ने वैश्विक आपात स्थिति घोषित किया
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Karnataka कर्नाटक: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप को ‘इंटरनेशनल कंसर्न की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ घोषित किया है। इस घोषणा के बाद भारत के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य विभागों ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। कर्नाटक सरकार का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है और राज्यभर में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि देश में अब तक इबोला का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। इसके बावजूद, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

राज्य में इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के तहत संदिग्ध मामलों की निगरानी को और सख्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की पहचान, स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य निगरानी के लिए एयरपोर्ट तथा अन्य प्रवेश बिंदुओं (Points of Entry) पर व्यवस्था मजबूत की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय प्रवेश मार्गों पर स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं, जो यात्रियों की जांच और निगरानी कर रही हैं। किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले व्यक्ति की तुरंत पहचान कर उसे आइसोलेशन और आगे की चिकित्सा जांच के लिए भेजने की व्यवस्था की गई है।

इसके साथ ही राज्य भर में रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण (Infection Prevention and Control) के उपायों को और सख्त कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि संदिग्ध मामलों को सुरक्षित तरीके से संभाला जा सके और संक्रमण फैलने के जोखिम को कम किया जा सके। इसके साथ ही सभी अस्पतालों में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE किट), आवश्यक दवाएं और लैब टेस्टिंग सुविधाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।

राज्य सरकार ने जनता से अपील की है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अब तक किसी भी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सतर्कता और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसलिए शुरुआती पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, WHO की वैश्विक चेतावनी के बाद कर्नाटक सहित भारत में स्वास्थ्य तंत्र को सतर्क कर दिया गया है और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करते हुए किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी की जा रही है।

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