कर्नाटक

कर्नाटक में भारी बारिश से बढ़ा जलस्तर, भद्रा और लिंगनमक्की जलाशयों को लेकर अलर्ट जारी

Kavita2
4 Aug 2026 11:46 AM IST
कर्नाटक में भारी बारिश से बढ़ा जलस्तर, भद्रा और लिंगनमक्की जलाशयों को लेकर अलर्ट जारी
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शिवमोग्गा। कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से होसानगर, तीर्थहल्ली, सागर तालुका और चिकमगलूर जिले के कोप्पा व श्रृंगेरी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश का असर शिवमोग्गा जिले के भद्रा और लिंगनमक्की जलाशयों पर पड़ा है। जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जारी की है।

अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते तुंगा नदी में भी पानी का बहाव काफी बढ़ गया है। नदी में बढ़ते जलस्तर और बांधों से पानी छोड़े जाने को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार सुबह तक भद्रा जलाशय का जलस्तर 163.6 फीट तक पहुंच गया। इस जलाशय की अधिकतम क्षमता 186 फीट है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले शुक्रवार को भद्रा जलाशय में जलस्तर करीब 153 फीट था। महज तीन दिनों में जलस्तर में सात फीट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलस्तर में यह तेज वृद्धि आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण हुई है।

इसी तरह, लिंगनमक्की जलाशय में भी पानी की आवक बढ़ी है। सोमवार को जलाशय का जलस्तर 1,784.70 फीट दर्ज किया गया। इसकी अधिकतम क्षमता 1,819 फीट है। पिछले शुक्रवार को यहां जलस्तर 1,776 फीट था, यानी कुछ ही दिनों में इसमें भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में लिंगनमक्की जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में 58.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण जलाशय में पानी की आवक बढ़ रही है। प्रशासन जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर तुंगा नदी के जल प्रवाह पर देखा जा रहा है। नदी में पानी बढ़ने के कारण बांध से 89,503 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में मानसून के दौरान भारी बारिश सामान्य घटना है, लेकिन इस बार लगातार हो रही बारिश के कारण जलाशयों और नदियों पर दबाव बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश से नदियों में तेजी से पानी आने की संभावना बनी रहती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलाशयों में बढ़ता जलस्तर जहां जल संसाधनों के लिहाज से सकारात्मक संकेत है, वहीं अत्यधिक पानी जमा होने पर प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ जाती है। ऐसे में बांधों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ना और निचले क्षेत्रों में समय पर चेतावनी जारी करना बेहद जरूरी होता है।

प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों के जलस्तर, बारिश की स्थिति और नदियों के बहाव की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि बारिश इसी तरह जारी रहती है तो आगे की स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। नदी और जलाशय क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

लगातार बारिश के बीच भद्रा और लिंगनमक्की जलाशयों में बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए निगरानी का विषय बना हुआ है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता जल प्रबंधन के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।

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