
भद्रावती। कर्नाटक के भद्रावती स्थित विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील फैक्ट्री (VISF) के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बताया कि लंबे समय से घाटे में चल रही इस इकाई ने लगातार तीसरे महीने शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। जुलाई से सितंबर तक फैक्ट्री के मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी हुई है। कुमारस्वामी ने इसे फैक्ट्री के पुनरुद्धार की दिशा में उत्साहजनक संकेत बताया है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से जारी जानकारी के अनुसार फैक्ट्री ने जुलाई में 33 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। इसके बाद अगस्त में यह आंकड़ा बढ़कर 1.71 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर में फैक्ट्री का शुद्ध मुनाफा और बढ़ते हुए 1.96 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इन तीन महीनों के आंकड़ों को जोड़ें तो जुलाई से सितंबर के बीच फैक्ट्री ने कुल 4 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। खास बात यह है कि हर महीने मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिली। जुलाई में 33 लाख रुपये से शुरुआत करने के बाद अगस्त में मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और सितंबर में भी यह बढ़त जारी रही।
एच.डी. कुमारस्वामी ने फैक्ट्री के हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए इसका श्रेय किए गए सुधारों, नियमित निगरानी और कर्मचारियों की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय इस्पात मंत्री का पद संभालने के बाद उन्होंने इकाई के कामकाज में सुधार पर लगातार ध्यान दिया है।
कुमारस्वामी के मुताबिक उन्होंने फैक्ट्री का कई बार दौरा किया और उत्पादन तथा संचालन से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उनका कहना है कि नियमित निगरानी और सुधार के लिए किए गए प्रयासों का असर अब फैक्ट्री के वित्तीय प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने फैक्ट्री के कर्मचारियों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे महीने मुनाफा दर्ज करना कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और सामूहिक मेहनत को दर्शाता है। उनके अनुसार हालिया परिणाम इस बात का संकेत हैं कि मिलकर किए गए प्रयासों से घाटे में चल रही इकाई के प्रदर्शन में बदलाव लाया जा सकता है।
विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील फैक्ट्री के लिए लगातार तीन महीने तक मुनाफा दर्ज करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इकाई लंबे समय से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही थी। ऐसे में जुलाई, अगस्त और सितंबर के नतीजों को फैक्ट्री के संचालन में आए सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि तीन महीनों का मुनाफा फैक्ट्री के दीर्घकालिक वित्तीय प्रदर्शन का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता। आने वाले महीनों में उत्पादन, लागत, बिक्री और परिचालन प्रदर्शन किस स्तर पर रहता है, इससे यह स्पष्ट होगा कि मौजूदा सुधार कितने स्थायी हैं। फिलहाल लगातार तीन महीने तक सकारात्मक वित्तीय नतीजे सामने आना इकाई के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
जुलाई और सितंबर के आंकड़ों की तुलना करें तो फैक्ट्री का मासिक शुद्ध मुनाफा 33 लाख रुपये से बढ़कर 1.96 करोड़ रुपये हो गया। अगस्त में भी फैक्ट्री ने 1.71 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। इस तरह तीनों महीनों के आंकड़े लगातार सुधार की ओर इशारा करते हैं।
कुमारस्वामी ने कहा कि मंत्रालय की ओर से फैक्ट्री की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई है। उन्होंने स्वयं भी इकाई के कई दौरे किए हैं। इन दौरों के दौरान उत्पादन व्यवस्था, कर्मचारियों से जुड़े विषयों और फैक्ट्री के संचालन को बेहतर बनाने के उपायों पर ध्यान दिया गया।
फैक्ट्री के बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए आगे भी लगातार निगरानी महत्वपूर्ण होगी। किसी औद्योगिक इकाई के वित्तीय परिणाम उत्पादन की मात्रा, कच्चे माल की लागत, उत्पादों की मांग, बिक्री और परिचालन खर्च समेत कई कारकों से प्रभावित होते हैं। इसलिए आने वाले महीनों के नतीजे फैक्ट्री के सुधार की दिशा को और स्पष्ट करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि हालिया नतीजे केवल प्रशासनिक प्रयासों का परिणाम नहीं हैं, बल्कि इसमें कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत भी शामिल है। उन्होंने फैक्ट्री से जुड़े कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इकाई को बेहतर स्थिति में लाने में मदद मिली है।
भद्रावती स्थित यह औद्योगिक इकाई स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। फैक्ट्री के प्रदर्शन में सुधार का सीधा संबंध इसके संचालन और इससे जुड़े कर्मचारियों से है। ऐसे में लगातार मुनाफे की खबर ने इकाई के भविष्य को लेकर सकारात्मक उम्मीदें बढ़ाई हैं।
कुमारस्वामी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 33 लाख रुपये के शुद्ध लाभ के बाद अगस्त में मुनाफा पांच गुना से अधिक बढ़कर 1.71 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर में इसमें और वृद्धि हुई तथा शुद्ध लाभ 1.96 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
तीन महीने में कुल 4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ फैक्ट्री के हालिया वित्तीय प्रदर्शन में आए बदलाव को दर्शाता है। अब चुनौती इस गति को आगे बनाए रखने की होगी। उत्पादन और बिक्री के साथ खर्चों पर नियंत्रण और परिचालन क्षमता में सुधार इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिया कि फैक्ट्री के कामकाज पर आगे भी नजर रखी जाएगी। उनके अनुसार किए गए सुधारों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों के कारण ही मौजूदा नतीजे सामने आए हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन को उत्साहजनक बताते हुए कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की।
विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील फैक्ट्री के जुलाई से सितंबर तक के आंकड़े फिलहाल सुधार की तस्वीर पेश कर रहे हैं। लंबे समय से घाटे का सामना कर रही इकाई के लिए लगातार तीन महीने मुनाफा दर्ज करना महत्वपूर्ण है। अब आने वाले महीनों के वित्तीय परिणामों से पता चलेगा कि फैक्ट्री इस प्रदर्शन को कितनी मजबूती से बरकरार रख पाती है।





