कर्नाटक
विजयेंद्र का कांग्रेस पर हमला मोदी की लोकप्रियता को लेकर दिया बयान
Ratna Netam
8 Oct 2026 8:45 PM IST

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बागलकोट। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक विवाद के बीच कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस तथा विपक्षी INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को बागलकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और देश में हो रहे विकास को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। विजयेंद्र ने कहा कि विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन के नाम पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का राजनीतिक रवैया निराशा को दर्शाता है।
बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों और विकास कार्यक्रमों के कारण भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस के नेताओं को यह प्रगति स्वीकार नहीं हो रही है और इसी वजह से वे विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई नेता देश में हो रहे सकारात्मक बदलावों को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक विरोध को प्राथमिकता दे रहे हैं।हालांकि, कांग्रेस नेताओं की मंशा और देश की प्रगति को लेकर विजयेंद्र की टिप्पणियां राजनीतिक आरोप और आकलन हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
दरअसल, कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।इसी विवाद के चलते मंगलवार, 6 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों ने दिल्ली में निर्वाचन सदन की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने की मांग की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया।
बुधवार, 7 अक्टूबर को भी विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था।इसके अगले दिन गुरुवार को विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजघाट कार्यक्रम के दौरान भी विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेंगे।इन प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहा है, जबकि विपक्षी दल सरकार के खिलाफ आंदोलन में व्यस्त हैं।
विजयेंद्र ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देश की आर्थिक क्षमता बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार इस लक्ष्य को लेकर लगातार काम कर रही है।बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता केंद्र सरकार की उपलब्धियों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर अव्यवस्था फैलाना उचित नहीं है।
हालांकि, कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने अपने प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आयोजित बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं।कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने से रोका गया। दूसरी ओर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित प्रतिबंधों के पालन को अपनी कार्रवाई का आधार बताया है।
इस पूरे विवाद में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा ने विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब मिलना आवश्यक है।चुनाव आयोग ने भी मतदाता सूची में राजनीतिक पक्षपात और चुनावी अनियमितताओं से संबंधित आरोपों का खंडन किया है। आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूचियों को अद्यतन करने का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है।
विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन किया जाता है। हालांकि, इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन, दस्तावेजों की आवश्यकता और नाम हटाए जाने से संबंधित शिकायतों को लेकर राजनीतिक तथा कानूनी विवाद जारी है।इसी कारण कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और पुनरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष तथा पारदर्शी होनी चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को प्रमाणों के आधार पर देखा जाना चाहिए। पार्टी ने विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शनों के तरीके की भी आलोचना की है।बीवाई विजयेंद्र का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस के आंदोलन को प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
कर्नाटक की राजनीति में भी कांग्रेस और भाजपा के बीच केंद्र तथा राज्य सरकार की नीतियों को लेकर लगातार मतभेद रहे हैं। ऐसे में विजयेंद्र के बयान से SIR विवाद को लेकर राज्य में भी राजनीतिक चर्चा तेज हुई है।फिलहाल कांग्रेस और INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया है कि वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी अपनी आपत्तियों को आगे भी उठाते रहेंगे।
वहीं, बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और विकसित भारत के दृष्टिकोण का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की निराशा उनके राजनीतिक व्यवहार में दिखाई दे रही है।गुरुवार को बागलकोट में दिए गए विजयेंद्र के बयान ने एक बार फिर चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने ला दिए हैं। एक ओर कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही मांग रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठा रही है।
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