
बेंगलुरु। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ ले रहे उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि घर-घर चल रहे सत्यापन अभियान के दौरान यदि लाभार्थी जरूरी दस्तावेज और मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो उन्हें योजना के लाभ से बाहर किया जा सकता है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल पात्र उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में लाभार्थियों का सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि सर्वे के दौरान उपभोक्ताओं से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि योजना के रिकॉर्ड को अपडेट किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी पात्र ग्राहक को योजना से वंचित न होना पड़े, इसके लिए सरकार विशेष शिविर आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इन कैंपों के माध्यम से ऐसे उपभोक्ताओं को दस्तावेज जमा करने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाएगा, जो घर-घर सर्वे के दौरान उपलब्ध नहीं हो सके।
ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में ‘गृह ज्योति योजना’ के तहत कुल 1,65,32,652 घरेलू बिजली उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से मीटर रीडरों ने 2 अगस्त 2026 तक 91,50,081 लाभार्थियों के घरों का दौरा कर सर्वे पूरा कर लिया है। वहीं, 73,82,571 लाभार्थियों की जानकारी अभी तक एकत्र नहीं की जा सकी है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है या जिनका सत्यापन अभी बाकी है। ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द संबंधित विभाग या निर्धारित शिविरों के माध्यम से अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की सलाह दी जा रही है।
‘गृह ज्योति’ योजना राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को निर्धारित सीमा तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाती है। योजना का उद्देश्य आम परिवारों पर बिजली खर्च का बोझ कम करना और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देना है।
हालांकि, योजना के विस्तार के साथ लाभार्थियों की संख्या काफी बढ़ी है। इसके चलते सरकार के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है कि वास्तविक पात्र लोगों तक ही इसका लाभ पहुंचे। इसी कारण अब लाभार्थियों के रिकॉर्ड का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है।
ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन प्रक्रिया किसी भी पात्र उपभोक्ता को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए की जा रही है। विभाग का कहना है कि सही जानकारी उपलब्ध होने से भविष्य में योजना के संचालन में आसानी होगी।
अधिकारियों के अनुसार, मीटर रीडरों को घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें उपभोक्ता की पहचान, बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी और योजना के लिए जरूरी अन्य विवरणों की जांच की जा रही है।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सर्वे के दौरान कर्मचारियों का सहयोग करें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। यदि किसी कारण से सर्वे टीम उनके घर नहीं पहुंच पाती है, तो वे संबंधित बिजली विभाग कार्यालय या विशेष शिविरों के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं में समय-समय पर सत्यापन जरूरी होता है। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है और योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचता है।
राज्य सरकार अब बचे हुए लाभार्थियों का सर्वे जल्द पूरा करने पर जोर दे रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि विशेष कैंपों और अतिरिक्त प्रयासों के जरिए सभी पात्र उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल ऊर्जा विभाग ने साफ कर दिया है कि जो लाभार्थी सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे या जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके मामले की समीक्षा की जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को योजना के लाभ से हटाया भी जा सकता है।
‘गृह ज्योति’ योजना के लाखों लाभार्थियों के लिए यह सत्यापन अभियान इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने से वे मुफ्त बिजली सुविधा का लाभ लगातार प्राप्त कर सकेंगे।





