
बेंगलुरु। कर्नाटक में कथित घोटाले के आरोपों के बीच मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर मतभेद सामने आने लगे हैं। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने शनिवार को कहा कि बी. नागेंद्र ने नैतिक आधार पर अपना इस्तीफा दिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई को एक दलित नेता को निशाना बनाने की साजिश बताया।
हरिप्रसाद ने बीजेपी के उन आरोपों पर भी पलटवार किया, जिसमें पार्टी ने मंत्री के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस मामले में राजनीति करने के बजाय अपने नेताओं के खिलाफ चल रही जांच और मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
नागेंद्र ने नैतिक आधार पर दिया इस्तीफा: हरिप्रसाद
KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि मंत्री बी. नागेंद्र ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और सरकार की छवि बनाए रखने के लिए नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है।
उन्होंने कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया को प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से लिया गया फैसला था। हरिप्रसाद ने दावा किया कि इस पूरे मामले में एक दलित नेता को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि दलित नेताओं को लेकर विपक्ष की राजनीति पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
बीजेपी के ‘विकेट गिरने’ वाले बयान पर पलटवार
मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि सरकार का एक विकेट गिर गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिप्रसाद ने बीजेपी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “बीजेपी कह रही है कि एक विकेट गिर गया है। क्या राजनीति कोई IPL मैच है?”
उन्होंने कहा कि राजनीति को खेल की तरह नहीं देखा जाना चाहिए और विपक्ष को गंभीर मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। हरिप्रसाद ने बीजेपी से सवाल किया कि उसके कितने नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, कितने नेता जेल गए हैं और कितने मामलों में जांच चल रही है।
बीजेपी पर लगाए आरोप
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि बीजेपी केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए मुद्दों को उठा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का कार्यालय कोई अदालत नहीं है और किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष साबित करने का अधिकार केवल न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि विपक्ष जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस सरकार पर बढ़ा दबाव
बी. नागेंद्र का इस्तीफा कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगा रहा है।
बीजेपी का कहना है कि मंत्री का इस्तीफा सरकार की विफलता को दिखाता है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस्तीफा सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता को दर्शाता है।
मामले की जांच जारी
घोटाले से जुड़े मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार जांच में सहयोग कर रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कर्नाटक की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस इसे दलित नेता के खिलाफ साजिश बता रही है, जबकि बीजेपी इसे सरकार में भ्रष्टाचार का मुद्दा बनाकर उठा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।





