कर्नाटक

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के भाई पर यौन उत्पीड़न और धमकी का आरोप, FIR दर्ज

Kavita2
11 Aug 2026 10:34 AM IST
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के भाई पर यौन उत्पीड़न और धमकी का आरोप, FIR दर्ज
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धारवाड़। कर्नाटक के धारवाड़ में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के भाई गोपाल जोशी के खिलाफ यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला विद्यागिरी पुलिस स्टेशन में कल्याणनगर निवासी रमा कुलकर्णी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि गोपाल जोशी पिछले करीब चार वर्षों से उन्हें परेशान कर रहे हैं और उन्हें तथा उनके परिवार को धमकियां दी जा रही हैं।

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, महिला ने गोपाल जोशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कथित घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस से मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

महिला ने चार साल से परेशान करने का लगाया आरोप

रमा कुलकर्णी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि गोपाल जोशी उन्हें लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को धमकियां दी गईं। महिला के अनुसार, इस वजह से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

शिकायत में महिला ने कथित घटनाओं का सिलसिलेवार विवरण भी दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 मई 2022 को गोपाल जोशी मलामाडी स्थित पूर्णा अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में उनके फ्लैट नंबर 10 पर आए थे। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया।

महिला ने पुलिस से पूरे मामले की जांच करने और आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज की FIR

शिकायत मिलने के बाद विद्यागिरी पुलिस स्टेशन में गोपाल जोशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले में यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी है। जांच के दौरान पुलिस शिकायतकर्ता के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, संभावित गवाहों और घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है।

मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण पुलिस की जांच पर नजर बनी हुई है। हालांकि, अभी केवल शिकायत और एफआईआर के आधार पर किसी आरोप को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

गोपाल जोशी ने भी दर्ज कराई जवाबी शिकायत

इस मामले में गोपाल जोशी की ओर से भी पुलिस में जवाबी शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने रमा कुलकर्णी के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं।

गोपाल जोशी ने हुबली के केश्वपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि महिला ने उनसे पैसे ऐंठने के इरादे से झूठे आरोप लगाए हैं। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत सामने आई है।

अब पुलिस को दोनों शिकायतों में लगाए गए आरोपों और दावों की जांच करनी होगी। जवाबी शिकायत के कारण मामले में दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण हो गया है।

दोनों पक्षों के आरोपों की जांच जरूरी

एक ओर रमा कुलकर्णी ने यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं गोपाल जोशी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए जबरन पैसे वसूलने की कोशिश का दावा किया है।

ऐसे मामलों में पुलिस के लिए शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों पक्षों के बयानों की जांच के साथ-साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखना जरूरी होता है। कथित घटना की तारीख, स्थान और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में किस तरह के साक्ष्य मौजूद हैं और जवाबी शिकायत में किए गए दावों की वास्तविक स्थिति क्या है।

राजनीतिक कनेक्शन के कारण मामला चर्चा में

मामले में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के भाई का नाम सामने आने के कारण यह घटना राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। हालांकि, एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस को कानूनी प्रक्रिया के तहत करनी है और किसी भी पक्ष को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जा सकता।

मामले में केंद्रीय मंत्री का नाम आरोपी के तौर पर नहीं है। एफआईआर गोपाल जोशी के खिलाफ दर्ज की गई है, जिन पर महिला ने विभिन्न गंभीर आरोप लगाए हैं।

आगे की कार्रवाई पर नजर

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा कथित घटनाओं से जुड़े दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।

दूसरी ओर, गोपाल जोशी की जवाबी शिकायत की भी पुलिस जांच करेगी। दोनों शिकायतों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल धारवाड़ में दर्ज यह मामला यौन उत्पीड़न और धमकी जैसे गंभीर आरोपों के साथ-साथ दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ लगाए गए दावों के कारण चर्चा में है। पुलिस जांच के निष्कर्ष यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाती है।

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