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Karnataka कर्नाटक। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के हालिया बयान पर जोरदार प्रतिक्रिया दी है, जिसमें मुख्यमंत्री ने राज्य में इथेनॉल खरीद और चीनी उद्योग से संबंधित आंकड़ों को लेकर दावा किया था। जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता को गुमराह किया है और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़े वास्तविकता से मेल नहीं खाते। प्रल्हाद जोशी ने हब्बल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “CM सिद्धारमैया इथेनॉल के मामले में झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 47 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा, जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य सरकार ने 139 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदा है। यह स्पष्ट रूप से उनके बयान को खारिज करता है। मैं जनता से आग्रह करता हूं कि उन लोगों की बातों पर ध्यान न दें जिनमें तथ्यों को समझने की क्षमता नहीं है और जो केवल भ्रम फैलाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इथेनॉल खरीद और उत्पादन के आंकड़ों को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम ने किसानों और आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। जोशी ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने किसानों के हितों और चीनी उद्योग के विकास को प्राथमिकता दी है और सभी खरीद प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से पूरी की गई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिद्धारमैया के दावों का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है और उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की शैली का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वही तरीका है जो राहुल गांधी और उनके सहयोगी अपनाते हैं। जोशी ने जनता से अपील की कि केवल प्रमाणित और सरकारी आंकड़ों पर ही विश्वास करें और राजनीतिक बयानबाजी में फंसने से बचें।
कृषि और इथेनॉल उद्योग विशेषज्ञों ने भी कहा कि कर्नाटक में 139 करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद वास्तविक और रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार सही है। यह इथेनॉल उत्पादन और खरीद राज्य के किसानों के लिए आर्थिक लाभ सुनिश्चित करता है और चीनी उद्योग को मजबूती प्रदान करता है। इस बीच, विपक्षी दल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार की खरीद नीति में पारदर्शिता की कमी है और इथेनॉल के आंकड़ों को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। भाजपा और केंद्र सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि इथेनॉल उत्पादन और खरीद में किसानों के हित और उद्योग की स्थिरता को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रल्हाद जोशी के बयान से स्पष्ट होता है कि इथेनॉल और चीनी उद्योग को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने आंकड़ों और दावों को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार का दावा है कि 139 करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद किसानों के लिए फायदेमंद रही और इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली। वहीं विपक्ष का कहना है कि आंकड़ों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया और जनता को वास्तविक स्थिति के बारे में भ्रमित किया जा रहा है।
इस पूरे विवाद ने कर्नाटक में कृषि और इथेनॉल उद्योग को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, जिससे किसान और उद्योग दोनों ही इस बहस का सीधे असर महसूस कर रहे हैं।
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