
Karnataka कर्नाटक: केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सबरीमाला तीर्थयात्रा की शुरुआत करते हुए सोमवार को कोचीन स्थित श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अयप्पा स्वामी की माला धारण की और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार यात्रा की औपचारिक शुरुआत की।
H. D. Kumaraswamy ने मंदिर में पूजा के बाद ‘इरुमुडी’ धारण किया और सबरीमाला तीर्थयात्रा के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा अयप्पा भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा मानी जाती है, जिसमें कठोर व्रत और नियमों का पालन किया जाता है।
मंत्री का कार्यक्रम तय अनुसार दोपहर में पंपा नदी के तट पर पहुंचने का है, जहां वे पवित्र स्नान करेंगे। इसके बाद वे सबरीमाला की पहाड़ियों की ओर आगे बढ़ेंगे।
यात्रा के दौरान शाम को वे अयप्पा सन्निधि में आयोजित ‘पडी पूजा’ में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे भगवान अयप्पा के ‘पुष्प अभिषेक’ अनुष्ठान में भी भाग लेंगे, जो मंदिर की प्रमुख धार्मिक विधियों में से एक है।
सबरीमाला तीर्थयात्रा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है और विशेष रूप से भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा की जाती है। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु 41 दिनों का व्रत रखते हैं और कठोर नियमों का पालन करते हैं।
यह केंद्रीय मंत्री बनने के बाद कुमारस्वामी की पहली सबरीमाला यात्रा है। हालांकि इससे पहले भी वे कई बार इस पवित्र तीर्थस्थल पर दर्शन के लिए जा चुके हैं।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने उनके आगमन को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
कुल मिलाकर, यह यात्रा धार्मिक आस्था और परंपरा के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाती है, जो सबरीमाला तीर्थयात्रा की आध्यात्मिक महत्ता को और भी उजागर करती है।





