
रायचूर: रायचूर ज़िले के देवदुर्गा तालुक के जलाहल्ली की रहने वाली दिव्यांग एथलीट शाहिस्ता बेगम आरती ने साबित कर दिया है कि अगर पक्का इरादा हो, तो दिव्यांगता कामयाबी की राह में रुकावट नहीं बनती। उन्होंने ब्लाइंड क्रिकेट और फ़ुटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करके युवा महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है।
शाहिस्ता बेंगलुरु के माउंट कार्मेल कॉलेज से BA की पढ़ाई कर रही हैं। उन्हें बचपन से ही खेलों में दिलचस्पी रही है। हालाँकि, आँखों की कमज़ोरी और ग्रामीण इलाकों में सीमित मौकों ने उनके सपनों की राह में मुश्किलें खड़ी कीं, फिर भी कामयाबी पाने का उनका जज़्बा कम नहीं हुआ।
अपने भविष्य को लेकर चिंतित शाहिस्ता को 2022 में ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम के चयन के लिए आयोजित एक कैंप से फ़ायदा मिला। उन्होंने कैंप में जी-तोड़ मेहनत की और अपना हुनर दिखाया, जिससे उन्हें शीर्ष 14 खिलाड़ियों में जगह मिली। लगातार अभ्यास और कड़ी मेहनत के दम पर, उन्होंने 2024 में कर्नाटक टीम की अंतिम 11 खिलाड़ियों में जगह बनाई, जो उनके खेल करियर की एक बड़ी उपलब्धि थी।





