कर्नाटक

चिक्कबल्लापुर में दो पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप

Kavita2
12 July 2026 11:36 AM IST
चिक्कबल्लापुर में दो पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप
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Karnataka कर्नाटक: चिक्कबल्लापुर जिले में पुलिस ने दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अपनी राष्ट्रीयता से जुड़ी जानकारी छिपाकर भारत में निवास किया और यहां राशन कार्ड तथा वोटर आईडी कार्ड भी बनवा लिए थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फराह नाज़ और उसके बेटे मोहम्मद फरदीन के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), फॉरेनर्स एक्ट और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

चिक्कबल्लापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कुशल चौकसे ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक कुशल चौकसे ने बयान जारी कर बताया कि पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि फराह नाज़ और उसके बेटे मोहम्मद फरदीन ने अपनी वास्तविक नागरिकता छिपाकर भारत में दस्तावेज तैयार करवाए हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों ने भारत में रहने के लिए राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा लिए थे।

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और आरोपियों की पृष्ठभूमि की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

UAE में हुई थी शादी

पुलिस जांच में सामने आया कि बागेपल्ली निवासी मोहम्मद अयूब खान, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में काम करते थे, ने वहां पाकिस्तानी नागरिक फराह नाज़ से शादी की थी।

जांच के अनुसार, इस दंपति के चार बच्चे हैं। इनमें से एक बेटा मोहम्मद फरदीन का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। पुलिस अब परिवार के भारत आने, यहां रहने और दस्तावेज तैयार करवाने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

राष्ट्रीयता छिपाने का आरोप

पुलिस का आरोप है कि फराह नाज़ और मोहम्मद फरदीन ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता से जुड़ी जानकारी छिपाई और भारतीय दस्तावेज हासिल किए।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों ने किन परिस्थितियों में राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवाए। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि दस्तावेज बनवाने में किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका रही है या नहीं।

फॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई

विदेशी नागरिकों के भारत में रहने से जुड़े नियम फॉरेनर्स एक्ट के तहत आते हैं। पुलिस ने इसी कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

इसके अलावा वोटर आईडी कार्ड हासिल करने के मामले में रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के तहत भी जांच की जा रही है, क्योंकि भारत में मतदान का अधिकार केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही प्राप्त है।

दस्तावेजों की होगी जांच

पुलिस अब दोनों आरोपियों से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसमें राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी रिकॉर्ड शामिल हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दस्तावेज कब और किस प्रक्रिया के तहत जारी किए गए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने भारत में कितने समय से निवास किया और उनकी गतिविधियां क्या थीं।

स्थानीय स्तर पर भी हो रही पूछताछ

पुलिस स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटा रही है। आसपास के लोगों और संबंधित विभागों से संपर्क कर आरोपियों की गतिविधियों और पहचान से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

सुरक्षा एजेंसियां भी रख सकती हैं नजर

विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियां भी नजर रखती हैं। ऐसे मामलों में यह जांच की जाती है कि संबंधित व्यक्ति ने किसी नियम का उल्लंघन तो नहीं किया है और भारत में रहने का उद्देश्य क्या था।

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान छिपाने के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

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