
भटकल। गणेश उत्सव विसर्जन जुलूस के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दे दी है। भटकल की जेएमएफसी (JMFC) अदालत ने जीवन नागराज नायक और देवराज अशोक नायक को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, गणेश उत्सव विसर्जन जुलूस के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में पुलिस ने दोनों लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उनके वकीलों ने जमानत के लिए दलीलें रखीं।
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सुरेश चोमोराने और मंगला गोंडा ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पत्थरबाजी की घटना में दोनों आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत उपलब्ध नहीं है। वकीलों ने कहा कि उनके मुवक्किलों को प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत करने के उद्देश्य से गिरफ्तार किया गया था।
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत से मामले की गहन जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पर्याप्त साक्ष्यों की जांच जरूरी है। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपियों की घटना में प्रत्यक्ष भूमिका साबित नहीं हुई है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले पर विचार किया। इसके बाद न्यायाधीश दीपा अरालगुंडी ने दोनों आरोपियों को जमानत देने का फैसला सुनाया। साथ ही उन्हें जांच प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस के अनुसार, गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हुई घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई थी। मामले में शामिल लोगों की पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गणेश उत्सव के दौरान निकलने वाले विसर्जन जुलूसों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। किसी भी विवाद या हिंसक घटना के बाद पुलिस द्वारा स्थिति सामान्य करने के लिए कदम उठाए जाते हैं।
इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को राहत मिली है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब मामले से पूरी तरह बरी होना नहीं है। जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जाती रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
अदालत ने जमानत देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी जांच में सहयोग करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस के समक्ष उपस्थित होंगे। इससे जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल जीवन नागराज नायक और देवराज अशोक नायक जमानत पर बाहर आ गए हैं। वहीं, पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले समय में जांच की प्रगति के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।





