
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को तुमकुर में आयोजित ‘साधना समर्पण समावेश’ कार्यक्रम में एक ही मंच साझा कर एकता का संदेश दिया। यह कार्यक्रम राज्य में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
दोनों नेताओं की संयुक्त उपस्थिति को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से राज्य नेतृत्व को लेकर अंदरूनी मतभेद और बदलाव की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं। हालांकि, इस मंच से दोनों नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
दोनों नेताओं ने दावा किया कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पाँच गारंटी योजनाएं जनता के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही हैं और इन योजनाओं ने लोगों को राहत पहुंचाई है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि जनता के समर्थन के बल पर 2028 में कांग्रेस सरकार एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी।
इस दौरान नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का भी परोक्ष जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी भी कांग्रेस शासित राज्य सरकार को जनता ने लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं चुना है। इसके जवाब में कर्नाटक के नेताओं ने भरोसा जताया कि राज्य में कांग्रेस इस राजनीतिक प्रवृत्ति को बदलने में सफल होगी।
कार्यक्रम में दोनों नेताओं की साझा उपस्थिति को पार्टी के भीतर एकता और स्थिरता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम न केवल नेतृत्व विवादों की अटकलों को शांत करने की कोशिश है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी है।
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम और बयानों पर सवाल उठाए हैं और सरकार पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं के आधार पर जनता के बीच जा रही है।
कुल मिलाकर, तुमकुर में हुआ यह कार्यक्रम कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है, जिसमें नेतृत्व की एकजुटता और आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी साफ तौर पर दिखाई देती है।





