
Karnataka कर्नाटक: 116 वर्षीय एक बुज़ुर्ग महिला श्रद्धालु ने अपनी अद्भुत भक्ति और मजबूत इच्छाशक्ति से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने पैदल अलीपिरी फुटपाथ मार्ग से कठिन चढ़ाई करते हुए तिरुमाला पहाड़ी स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर तक पहुंचकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान बनाई है।
इस असाधारण यात्रा के बाद तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने उनके लिए विशेष VIP दर्शन की व्यवस्था की। मंदिर प्रशासन ने उनकी भक्ति और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन कराए।
जानकारी के अनुसार, यह बुज़ुर्ग महिला कर्नाटक से अलीपिरी फुटपाथ मार्ग से पैदल यात्रा करते हुए तिरुमाला पहुंची थीं। उनकी उम्र 116 वर्ष होने के बावजूद उन्होंने कठिन पहाड़ी मार्ग को पार कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और मंदिर मार्ग पर मौजूद लोगों ने उनके साहस और आस्था की सराहना की। उनकी यह यात्रा सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गई, जहां लोगों ने उनकी भक्ति और समर्पण को प्रेरणादायक बताया।
TTD अधिकारियों ने बताया कि इतनी अधिक उम्र में इतनी कठिन यात्रा करना अत्यंत दुर्लभ है और यह उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। इसी कारण मंदिर प्रशासन ने मानवीय आधार पर विशेष व्यवस्था करते हुए उन्हें बिना किसी कठिनाई के दर्शन कराने का निर्णय लिया।
अलीपिरी फुटपाथ मार्ग को तिरुमाला की सबसे कठिन पैदल यात्राओं में से एक माना जाता है, जहां हजारों सीढ़ियां और लंबा पहाड़ी रास्ता श्रद्धालुओं की परीक्षा लेता है। ऐसे में 116 वर्षीय महिला का यह सफर श्रद्धा और संकल्प का अनूठा उदाहरण बन गया है।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर कर्मचारियों ने भी उनकी सहायता की और पूरी यात्रा के दौरान उनकी देखभाल सुनिश्चित की। सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह घटना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह जीवन में विश्वास और आत्मबल की शक्ति को भी दर्शाती है। कई लोगों ने इसे “आस्था की शक्ति” का जीवंत उदाहरण बताया।
मंदिर परिसर में दर्शन के बाद बुज़ुर्ग महिला ने भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की और यात्रा के सफल होने पर संतोष जताया। उनकी यह यात्रा भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
कुल मिलाकर, कर्नाटक की इस 116 वर्षीय श्रद्धालु की तिरुमाला यात्रा और TTD द्वारा किए गए VIP दर्शन की व्यवस्था ने भक्ति, आस्था और मानवता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया है।





