
विजयनगर। कर्नाटक के हम्पी घूमने आए तमिलनाडु के एक पर्यटक की तुंगभद्रा लो-लेवल कैनाल (LLC) में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार को तालुक क्षेत्र के गैलेम्मानागुडी के पास हुआ। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आपातकालीन सेवा की टीमों ने पर्यटक की तलाश शुरू कर दी।
मृतक की पहचान तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी मुरलीधरन (36) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुरलीधरन अपने परिवार के साथ हम्पी घूमने आए थे। मंदिर दर्शन से पहले वह नहाने के लिए तुंगभद्रा लो-लेवल कैनाल में उतरे थे, जहां तेज बहाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठे और पानी में बह गए।
नहर में नहाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मुरलीधरन अपने परिवार के साथ हम्पी के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने पहुंचे थे। शुक्रवार को मंदिर जाने से पहले उन्होंने तुंगभद्रा लो-लेवल कैनाल में स्नान करने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि उस समय नहर में पानी का बहाव तेज था। नहाने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चले गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह पानी में बह गए।
घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
तेज बहाव के कारण बचाव में चुनौती
घटना की जानकारी मिलने के बाद आपातकालीन सेवा के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और तलाश अभियान शुरू किया। हालांकि, नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बचाव टीम पानी के अंदर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटक की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
परिवार के साथ हम्पी आए थे मुरलीधरन
मृतक मुरलीधरन कोयंबटूर के रहने वाले थे और परिवार के साथ घूमने के लिए हम्पी आए थे। हम्पी देश-विदेश के पर्यटकों के बीच एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में लोग ऐतिहासिक मंदिरों और स्मारकों को देखने पहुंचते हैं।
परिवार के लिए यह यात्रा बेहद दुखद घटना में बदल गई। जिस जगह पर वे घूमने और धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से आए थे, वहीं हादसे के कारण मातम छा गया।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले जल स्रोतों में नहाने से बचें। खासकर बारिश के मौसम में नदियों और नहरों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए जहां पानी का बहाव खतरनाक हो।
पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा का मुद्दा
इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में पर्यटक नदियों, झरनों और नहरों के आसपास पहुंचते हैं, लेकिन कई बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और लोगों को जागरूक करने के उपाय जरूरी हैं।
जांच और बचाव अभियान जारी
फिलहाल आपातकालीन सेवा की टीम मुरलीधरन की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और बचाव कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। वहीं, परिवार के सदस्य मुरलीधरन की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
तुंगभद्रा नहर में हुई इस घटना ने पर्यटकों को एक बार फिर जल स्रोतों के आसपास सावधानी बरतने का संदेश दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि प्राकृतिक स्थलों का आनंद लेते समय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।





