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कर्नाटक की क्रिकेट टीमों को प्रायोजित करेगा पर्यटन विभाग, ‘एक्टिव कर्नाटक’ पहल के तहत साझेदारी

Kavita2
2 Oct 2026 11:29 AM IST
कर्नाटक की क्रिकेट टीमों को प्रायोजित करेगा पर्यटन विभाग, ‘एक्टिव कर्नाटक’ पहल के तहत साझेदारी
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बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने खेल और पर्यटन को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल की है। पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने घोषणा की है कि कर्नाटक पर्यटन विभाग, कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम (KSTDC) और जंगल लॉज एंड रिसॉर्ट्स (JLR) राज्य की पुरुष, महिला और विभिन्न आयु-वर्ग की क्रिकेट टीमों को प्रायोजित करेंगे। यह साझेदारी कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के सहयोग से की जा रही है और इसे ‘एक्टिव कर्नाटक’ पहल के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।

KSCA के सहयोग से आयोजित प्रायोजन और जर्सी अनावरण कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य खेल और पर्यटन को एक-दूसरे से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता और राज्य की पर्यटन क्षमता को एक साझा मंच पर लाकर कर्नाटक की पहचान को और व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सकता है।

मंत्री ने कहा कि ‘एक्टिव कर्नाटक’ पहल के तहत राज्य में खेल गतिविधियों और पर्यटन स्थलों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी। इसके जरिए लोगों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के साथ कर्नाटक के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को जानने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल के साथ पर्यटन ब्रांड को जोड़ने से राज्य की पहचान देशभर में और मजबूत हो सकती है।

कर्नाटक पर्यटन विभाग पहले से ही राज्य के अलग-अलग पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रहा है। राज्य में विरासत पर्यटन, प्रकृति पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वेलनेस और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटन विभाग की मौजूदा नीति भी निवेश बढ़ाने, पर्यटन आधारभूत संरचना मजबूत करने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

नई साझेदारी के तहत पुरुष सीनियर क्रिकेट टीम के साथ महिला टीमों और आयु-वर्ग की टीमों को भी प्रायोजन के दायरे में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि राज्य स्तर पर अलग-अलग श्रेणियों में खेलने वाले खिलाड़ियों और टीमों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। जर्सी और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए कर्नाटक पर्यटन की ब्रांडिंग भी की जाएगी।

कार्यक्रम में मंत्री ने खेल के जरिए पर्यटन और पर्यटन के जरिए खेल को बढ़ावा देने की अवधारणा पर जोर दिया। उनका कहना था कि खेल आयोजन केवल खिलाड़ियों और दर्शकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके जरिए यात्रा, होटल, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। किसी शहर में बड़ा क्रिकेट मुकाबला होने पर बाहर से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचते हैं और इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।

कर्नाटक में बेंगलुरु, मैसूरु, हम्पी, कूर्ग, चिकमगलूर, तटीय क्षेत्र और वन्यजीव अभयारण्य जैसे कई प्रमुख पर्यटन केंद्र मौजूद हैं। सरकार की योजना खेल से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान इन स्थलों की पहचान और अनुभव को भी प्रचारित करने की है। इसके जरिए क्रिकेट देखने आने वाले दर्शकों को राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों तक आकर्षित करने का प्रयास किया जा सकता है।

कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवास, यात्रा और पर्यटन सुविधाओं से जुड़ी सेवाएं देता है। वहीं जंगल लॉज एंड रिसॉर्ट्स वन्यजीव और प्रकृति आधारित पर्यटन में सक्रिय है। इन दोनों संस्थाओं को क्रिकेट प्रायोजन से जोड़ने के पीछे पर्यटन के अलग-अलग रूपों को ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने की रणनीति भी दिखाई देती है।

सरकार की पर्यटन नीति में निजी भागीदारी और पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। विभाग ने हाल के समय में पर्यटन कारोबार और निवेशकों के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। ऐसे में क्रिकेट जैसे बड़े मंच को पर्यटन प्रचार से जोड़ना उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान नई जर्सियों का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग और क्रिकेट संघ से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। साझेदारी के जरिए आगामी घरेलू क्रिकेट सत्रों में कर्नाटक की विभिन्न टीमों के साथ पर्यटन विभाग, KSTDC और JLR की ब्रांड पहचान दिखाई देगी।

क्रिकेट कर्नाटक के सबसे लोकप्रिय खेलों में शामिल है और राज्य ने भारतीय क्रिकेट को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं। घरेलू क्रिकेट में भी कर्नाटक का लंबा इतिहास रहा है। सरकार इस लोकप्रियता का इस्तेमाल पर्यटन प्रचार के लिए करना चाहती है। विशेष रूप से युवा दर्शकों और खेल प्रेमियों तक राज्य के पर्यटन अभियानों की पहुंच बढ़ाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

‘एक्टिव कर्नाटक’ के जरिए केवल क्रिकेट तक सीमित रहने के बजाय आने वाले समय में दूसरी खेल गतिविधियों को भी पर्यटन प्रचार से जोड़ने की संभावना है। सरकार खेल प्रतियोगिताओं, आउटडोर गतिविधियों और यात्रा अनुभवों के बीच एक ऐसा मॉडल विकसित करना चाहती है जिसमें खेल प्रेमियों को राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया जा सके।

पर्यटन मंत्री के.जे. जॉर्ज ने कहा कि इस सहयोग से खेल और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। क्रिकेट टीमों के प्रायोजन से जहां खिलाड़ियों और खेल व्यवस्था को संस्थागत सहयोग मिलेगा, वहीं कर्नाटक पर्यटन को बड़े दर्शक वर्ग के सामने अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

फिलहाल कर्नाटक पर्यटन विभाग, KSTDC, JLR और KSCA के बीच शुरू हुई यह साझेदारी राज्य में खेल और पर्यटन को एक साथ आगे बढ़ाने की नई कोशिश के रूप में सामने आई है। आने वाले घरेलू क्रिकेट सत्र में विभिन्न कर्नाटक टीमों की जर्सियों और आयोजनों के जरिए ‘एक्टिव कर्नाटक’ अभियान की मौजूदगी देखने को मिलेगी।

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