कर्नाटक

गणेश चतुर्थी के बाद बेंगलुरु लौट रहे तीन लोगों की सड़क हादसे में मौत

Kavita2
15 Sept 2026 11:24 AM IST
गणेश चतुर्थी के बाद बेंगलुरु लौट रहे तीन लोगों की सड़क हादसे में मौत
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मांड्या। गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाने अपने गृहनगर आए तीन लोगों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब तीनों त्योहार खत्म होने के बाद स्कूटर से वापस बेंगलुरु लौट रहे थे। मांड्या जिले के मद्दुर तालुक में कोप्पा गांव के पास तेज रफ्तार दूध के टैंकर ने उनके स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिर गए और टैंकर के पहिए उनके ऊपर से गुजर गए। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान कोप्पा गांव निवासी काव्या, मुथुराज और कीर्तना के रूप में हुई है। बताया गया कि तीनों बेंगलुरु में रहते थे और गणेश चतुर्थी के अवसर पर अपने गांव और परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए कोप्पा आए थे। त्योहार समाप्त होने के बाद वे बेंगलुरु वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह भीषण हादसा हो गया।

जानकारी के अनुसार, घटना आज सुबह मद्दुर तालुक के कोप्पा गांव के पास हुई। तीनों एक ही स्कूटर पर सवार होकर बेंगलुरु की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे या सामने से आ रहे तेज रफ्तार दूध टैंकर ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। इसके बाद टैंकर के पहिए उनके ऊपर से गुजर गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पुलिस और संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारण सड़क पर बने हालात को संभाला। हादसे के चलते कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित हुआ।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा बेहद भयावह था। तेज रफ्तार टैंकर की टक्कर के कारण स्कूटर सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में मदद की और पुलिस के पहुंचने तक घटनास्थल पर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की गई। पुलिस ने हादसे में शामिल दूध टैंकर और उसके चालक के संबंध में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस की जांच के बाद ही चल सकेगा।

गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने घर लौटे परिवारों के लिए यह त्योहार खुशी के बजाय गहरे दुख में बदल गया। काव्या, मुथुराज और कीर्तना त्योहार मनाने के बाद अपने काम और रोजमर्रा की जिंदगी में लौटने के लिए बेंगलुरु जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे की खबर जैसे ही उनके गांव और परिजनों तक पहुंची, वहां मातम छा गया।

सड़क हादसे के बाद एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए बड़े और भारी वाहनों के बीच सड़क पर सफर करना जोखिम भरा माना जाता है। तेज गति से चल रहे टैंकर जैसे भारी वाहनों को नियंत्रित करना मुश्किल होने पर छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही, भारी वाहनों की गति और उनके संचालन की भी निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हादसे में शामिल दूध टैंकर की स्थिति, चालक की भूमिका और दुर्घटना के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

गणेश चतुर्थी के बाद बेंगलुरु लौट रहे तीन लोगों की एक साथ हुई मौत ने कोप्पा गांव सहित आसपास के क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। त्योहार की खुशियां मनाकर घर से निकले काव्या, मुथुराज और कीर्तना के लिए यह सफर आखिरी सफर साबित हुआ। इस दर्दनाक सड़क हादसे ने उनके परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है।

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