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बेंगलुरु : कर्नाटक में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की तीन टीमें राज्य का दौरा करेंगी। उप मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार के अनुरोध के बाद केंद्र ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा के लिए टीमों को भेजने का फैसला किया है। ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जमीन पर हालात का निरीक्षण करेंगी और अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी।उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सदाशिवनगर स्थित अपने आवास के पास मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि केंद्र की टीमें कर्नाटक के विभिन्न जिलों में जाकर सूखे की स्थिति का जायजा लेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही केंद्र को सूखे से जुड़ा ज्ञापन सौंप दिया है, जिसके आधार पर केंद्रीय टीमें अपना आकलन करेंगी।
तीन हिस्सों में बांटी गई केंद्रीय टीमें
जी. परमेश्वर ने बताया कि सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन अलग-अलग टीमें बनाई हैं। पहली टीम तुमकुरु, चित्रदुर्ग और दावणगेरे क्षेत्रों का दौरा करेगी। इन इलाकों में बारिश की कमी, फसलों की स्थिति और किसानों पर पड़े प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।वहीं दूसरी टीम उत्तरी कर्नाटक के जिलों में जाएगी। उत्तरी कर्नाटक के कई इलाके कृषि पर निर्भर हैं और मौसम की अनिश्चितता के कारण यहां सूखे जैसी परिस्थितियां सामने आती रही हैं। टीम स्थानीय प्रशासन और किसानों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाएगी।तीसरी केंद्रीय टीम मैसूरु क्षेत्र का दौरा करेगी। इसमें मांड्या, मैसूरु और चामराजनगर जिले शामिल हैं। टीम इन क्षेत्रों में जल उपलब्धता, कृषि नुकसान और सूखे के प्रभावों का मूल्यांकन करेगी।
राज्य सरकार ने केंद्र को सौंपा ज्ञापन
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक सरकार ने सूखे की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार को पहले ही एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी, फसलों को हुए नुकसान और राहत की जरूरतों का उल्लेख किया गया है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीमें राज्य सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों और जमीन पर किए जाने वाले निरीक्षण के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके बाद सूखे से प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र की ओर से सहायता और राहत उपायों पर निर्णय लिया जा सकता है।जी. परमेश्वर ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से केंद्र को एक और ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें मौजूदा हालात और आवश्यक सहायता से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी दी जाएगी।
किसानों की स्थिति पर रहेगा फोकस
केंद्रीय टीमों के दौरे के दौरान किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सूखे के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होने, पानी की कमी और कृषि लागत बढ़ने जैसी समस्याओं का आकलन किया जाएगा।राज्य सरकार का कहना है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सही स्थिति सामने लाने के लिए केंद्रीय टीमों का निरीक्षण जरूरी है। इससे राहत और सहायता योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिल सकती है।
प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश
केंद्रीय टीमों के दौरे को देखते हुए राज्य प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है। संबंधित जिलों के अधिकारियों को सूखे से जुड़ी जानकारी, फसल नुकसान के आंकड़े और प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं।कर्नाटक सरकार लगातार मौसम की स्थिति और जल संसाधनों की उपलब्धता पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रभावित किसानों और क्षेत्रों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जा सके।फिलहाल केंद्रीय टीमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर स्थिति का आकलन करेंगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए आगे की सहायता और राहत उपायों पर फैसला लिया जाएगा।
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