कर्नाटक

TTP समेत आतंकी संगठनों से संपर्क के आरोप में तीन गिरफ्तार सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज

Kavita2
14 Aug 2026 12:02 PM IST
TTP समेत आतंकी संगठनों से संपर्क के आरोप में तीन गिरफ्तार सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज
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बेंगलुरु: कर्नाटक में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी संगठनों से कथित संबंधों के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बेंगलुरु और कलबुर्गी में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन लोगों के पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठनों से संपर्क थे और वे सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे।

पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान 23 वर्षीय असफुल मल्लिक के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और बेंगलुरु में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। उस पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के एक सदस्य से संपर्क रखने का आरोप लगाया गया है।

हेब्बागोडी पुलिस के मुताबिक, असफुल मल्लिक ने कथित तौर पर TTP के एक सदस्य को वॉइस कॉल किए थे और कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी थीं। जांच एजेंसियां अब इन कॉल और रिकॉर्डिंग की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी।

पुलिस ने बताया कि मल्लिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले का रहने वाला है। वह बेंगलुरु के जिगानी इलाके में एपीसी सर्कल के पास रह रहा था। वह बोम्मासंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था।

जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए विदेश में मौजूद संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।

वहीं, कलबुर्गी में भी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले हैं और कलबुर्गी के बाहरी इलाके में स्थित एक बूचड़खाने में काम करते थे।

आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए कथित आतंकवादियों से संपर्क किया था। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उनका संपर्क किस संगठन या व्यक्ति से था और क्या वे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे।

पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उनके संपर्कों, आर्थिक लेन-देन, यात्रा इतिहास और ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।

आतंकवादी संगठनों से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल सबूतों को काफी महत्व देती हैं। मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा होते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच शुरुआती चरण में है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का संपर्क केवल बातचीत तक सीमित था या वे किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल थे।

कर्नाटक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पहले भी राज्य में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं। संवेदनशील मामलों में एजेंसियां स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध नेटवर्क की पहचान करने और उसे रोकने का काम करती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई बार कट्टरपंथी संगठनों द्वारा युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए किया जाता है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इंटरनेट गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखती हैं।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधि या आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने की जानकारी मिलती है तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

फिलहाल बेंगलुरु और कलबुर्गी में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनके संपर्कों की वास्तविक प्रकृति क्या थी और क्या वे किसी बड़ी आतंकी साजिश से जुड़े थे।

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