कर्नाटक

तीसरी भाषा SSLC ग्रेडिंग: गवर्नर ने सीएस को भेजा रिव्यू लेटर

Kavita2
3 April 2026 1:02 PM IST
तीसरी भाषा SSLC ग्रेडिंग: गवर्नर ने सीएस को भेजा रिव्यू लेटर
x

Karnataka कर्नाटक: यह खबर बेंगलुरु (कर्नाटक) से है, जहाँ कर्नाटक सरकार द्वारा SSLC (कक्षा 10वीं) परीक्षा में तीसरी भाषा के लिए ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने के फैसले पर राज्यपाल ने मुख्य सचिव को समीक्षा के लिए पत्र भेजा है। राज्यपाल का कहना है कि तीसरी भाषा भाषाई विविधता और छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए अहम है, इसलिए न्यूमरिकल मार्क्स हटाकर सिर्फ़ ग्रेड देना, कुल अंकों को घटाकर 625 से 525 करना, और इसे ग्रेड में बदलने का फैसला शिक्षा‑शैक्षणिक परिणामों पर क्या असर डालेगा, यह पर्याप्त चर्चा के बाद ही होना चाहिए।

क्या हुआ?

सरकार ने तीसरी भाषा की 100 मार्क्स वाली परीक्षा को ग्रेडिंग में बदलकर SSLC के कुल अंकों को 625 से 525 कर दिया, जिससे अब तीसरी भाषा के अंक कुल परिणाम में शामिल नहीं होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा तनाव को कम करना बताया गया है।

कैसे लागू हुआ?

शिक्षा मंत्री Madhu Bangarappa ने यह घोषणा 27 मार्च 2026 को की, जो 2026 की SSLC परीक्षा के साथ ही लागू कर दी गई। ग्रेडिंग प्रणाली में तीसरी भाषा के लिए A, B, C, D ग्रेड दिए जाएंगे, लेकिन यह कुल अंकों में गिने नहीं जाएंगे।

इसके खिलाफ विरोध और प्रतिक्रिया:

कुछ छात्र समूह, शिक्षक संघ और आलोचक इस फैसले के तरीके और समय पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि इसे परीक्षा के दौरान अचानक लागू किया गया और पब्लिक कंसल्टेशन या कैबिनेट मंज़ूरी के बिना निर्णय लेना भी हाई कोर्ट में चुनौती का विषय बना है।

क्यों महत्वपूर्ण है?

यह बदलाव शैक्षणिक मानकों, भाषा नीति और छात्रों के भविष्य के परिणामों पर चर्चा खड़ी करता है, क्योंकि ग्रेडिंग से छात्रों के परिणाम का प्रतिशत एवं मूल्यांकन तरीके बदल सकते हैं।

कहां लागू हुआ?

यह नीति कर्नाटक राज्य में SSLC बोर्ड परीक्षा (Class 10) के लिए लागू है और इसमें तीसरी भाषा के रूप में हिंदी, संस्कृत, तुलु, मराठी, अरबी जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

Next Story