कर्नाटक

मैसूर दशहरा में राजनीति की जगह नहीं, पांच हाथियों को दिया जा रहा खास प्रशिक्षण: डी.के. शिवकुमार

Kavita2
4 Oct 2026 10:35 AM IST
मैसूर दशहरा में राजनीति की जगह नहीं, पांच हाथियों को दिया जा रहा खास प्रशिक्षण: डी.के. शिवकुमार
x

मैसूर। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि दशहरा का त्योहार पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया जाना चाहिए तथा इसमें राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन में सभी को साथ लेकर चला जाए और किसी के पद या आत्मसम्मान से समझौता न किया जाए। दशहरा की तैयारियों के तहत धनंजय और एकलव्य समेत पांच हाथियों को भार उठाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन हाथियों को और प्रशिक्षण देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।

शिवकुमार ने शनिवार को मैसूर के जिला पंचायत हॉल में दशहरा की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है। इसलिए इसकी तैयारियों में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि दशहरा समारोह को भव्य बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को साथ लेकर तैयारी की जाए। आयोजन के दौरान समन्वय बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि अलग-अलग कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से आयोजित किए जा सकें।

शिवकुमार ने कहा, “शाही परिवार के सदस्यों को भी सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाना चाहिए। किसी के पद या आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। दशहरा को धूमधाम से मनाने की सलाह दी गई है, ताकि यहां राजनीति की कोई गुंजाइश न रहे।”

मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार इस बार दशहरा आयोजन में सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। खासतौर पर शाही परिवार के सदस्यों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करने के निर्देश को परंपरा और सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।

दशहरा की तैयारियों में हाथियों की भूमिका को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। धनंजय और एकलव्य समेत पांच हाथियों को दशहरा के दौरान भार उठाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन हाथियों का प्रशिक्षण और मजबूत करने के निर्देश दिए।

दशहरा समारोह में हाथियों की मौजूदगी प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहती है। ऐसे में उनकी तैयारी और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हाथियों को आयोजन से पहले पर्याप्त प्रशिक्षण मिले और वे दशहरा के दौरान अपनी भूमिका के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

बैठक में दशहरा खेलों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को दशहरा खेलों में आमंत्रित किया जाए। इन खिलाड़ियों को समारोह के दौरान सम्मानित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

खिलाड़ियों को आमंत्रित करने के पीछे उद्देश्य उनकी उपलब्धियों को सम्मान देना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। राज्य के जिन खिलाड़ियों ने बड़े मंच पर पदक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है, उन्हें दशहरा जैसे बड़े आयोजन में सम्मान मिलने से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

दशहरा आयोजन कुल ग्यारह दिनों तक चलेगा। इतने लंबे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं का दबाव किसी एक मंत्री पर न पड़े, इसके लिए भी मुख्यमंत्री ने विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के प्रभारी मंत्री की सहायता के लिए दो अन्य मंत्रियों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

इस व्यवस्था का उद्देश्य दशहरा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और तैयारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। ग्यारह दिनों तक अलग-अलग गतिविधियों और कार्यक्रमों के संचालन में कई विभागों की भूमिका रहती है। ऐसे में जिम्मेदारियों का बंटवारा होने से व्यवस्थाओं को संभालने में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति पर पूरे आयोजन का दबाव नहीं होना चाहिए। जिले के प्रभारी मंत्री के साथ दो अन्य मंत्रियों की मौजूदगी से विभिन्न जिम्मेदारियों को बांटा जा सकेगा। इससे कार्यक्रमों की निगरानी और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शिवकुमार ने अधिकारियों से कहा कि दशहरा कार्यक्रम सभी की सलाह के अनुसार आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने एकतरफा फैसलों के बजाय सामूहिक भागीदारी और विचार-विमर्श पर जोर दिया। उनका कहना था कि सभी पक्षों को साथ लेकर आयोजन करने से दशहरा की गरिमा और भव्यता दोनों बनी रहेंगी।

बैठक में दशहरा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की गई। इसमें आयोजन की तैयारियों से लेकर हाथियों के प्रशिक्षण, शाही परिवार को आमंत्रित करने, खिलाड़ियों को सम्मानित करने और मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियां बांटने जैसे विषय शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने दशहरा को राजनीति से दूर रखने की बात पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव सभी का है और इसे उसी भावना के साथ आयोजित किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के पद और आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए तथा आयोजन में सभी को उचित सम्मान मिलना चाहिए।

मैसूर दशहरा अपनी परंपरा और भव्यता के लिए जाना जाता है। बड़ी संख्या में लोग दशहरा समारोह और उससे जुड़े कार्यक्रमों को देखने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा, व्यवस्था और अलग-अलग कार्यक्रमों के बीच समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी रहती है।

ग्यारह दिनों तक चलने वाले उत्सव के लिए पहले से व्यापक तैयारियां जरूरी हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक का उद्देश्य भी तैयारियों की स्थिति समझना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा। उन्होंने अधिकारियों से आयोजन को बेहतर बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा।

हाथियों के प्रशिक्षण पर अतिरिक्त ध्यान देने का निर्देश भी तैयारियों का अहम हिस्सा है। धनंजय और एकलव्य समेत पांच हाथियों को पहले ही भार उठाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब उन्हें और अभ्यास कराया जाएगा, ताकि दशहरा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

वहीं खेलों को दशहरा आयोजन से जोड़ते हुए एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने की तैयारी उत्सव में नया आकर्षण जोड़ सकती है। इससे राज्य के सफल खिलाड़ियों को जनता के बीच सम्मान मिलेगा और युवा पीढ़ी को उनकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और आयोजन से जुड़े लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि दशहरा के दौरान आपसी मतभेद या राजनीतिक खींचतान की जगह नहीं होनी चाहिए। सभी का ध्यान उत्सव को सफल, व्यवस्थित और भव्य बनाने पर होना चाहिए।

कुल मिलाकर इस बार मैसूर दशहरा को व्यापक भागीदारी और बेहतर समन्वय के साथ आयोजित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शाही परिवार के सदस्यों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करने, पांच हाथियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण देने, एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को सम्मानित करने और प्रभारी मंत्री की मदद के लिए दो मंत्रियों को जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने साफ किया है कि दशहरा उत्सव में राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और इसे सभी को साथ लेकर पूरे उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए।

Next Story