कर्नाटक

24 अक्टूबर से फिर पटरी पर दौड़ेगी शाही ट्रेन 'गोल्डन चैरियट', पहली यात्रा की 100% बुकिंग

Kavita2
23 Oct 2026 1:35 PM IST
24 अक्टूबर से फिर पटरी पर दौड़ेगी शाही ट्रेन गोल्डन चैरियट, पहली यात्रा की 100% बुकिंग
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बेंगलुरु। कर्नाटक की प्रसिद्ध लग्जरी पर्यटक ट्रेन 'गोल्डन चैरियट' शनिवार, 24 अक्टूबर से अपने नए पर्यटन सीजन 2026-27 की शुरुआत करने जा रही है। इस बार ट्रेन को नए स्वरूप और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ पेश किया जा रहा है। पर्यटन विभाग के अनुसार, पहली यात्रा 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। पांच रात और छह दिनों की इस यात्रा की सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। कुल 75 भारतीय और विदेशी पर्यटक इस शाही सफर का आनंद उठाएंगे। ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और आतिथ्य सेवाओं के लिए करीब 60 कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस विशेष यात्रा में कर्नाटक की ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव, शाही महल, प्राचीन मंदिर, कॉफी के बागान और गोवा के समुद्री तटों का अनुभव कराया जाएगा।

पांच रात और छह दिन का होगा पहला शाही सफर

गोल्डन चैरियट की पहली यात्रा 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' के नाम से संचालित की जाएगी। यह यात्रा 24 अक्टूबर को बेंगलुरु से शुरू होगी और दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों से होकर गुजरेगी।

इस दौरान यात्रियों को ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के साथ प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

पर्यटन विभाग ने बताया कि पहली यात्रा की 100 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है। सभी 75 यात्री पहले से निर्धारित हैं।

इस प्रतिक्रिया को कर्नाटक के लग्जरी पर्यटन क्षेत्र के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। पर्यटन विभाग का प्रयास है कि आने वाले महीनों में भी इसी तरह पर्यटकों की रुचि बनी रहे।

मैसूर के महलों से हम्पी की विरासत तक सफर

इस विशेष रेल यात्रा में पर्यटकों को कर्नाटक के प्रमुख ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की सैर कराई जाएगी।

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव मिलेगा। इसके बाद मैसूर की शाही विरासत और प्रसिद्ध महलों को देखने का अवसर होगा।

यात्रा में बेलूर और हलेबीडु के प्राचीन मंदिरों की स्थापत्य कला को भी शामिल किया गया है।

चिक्कमगलूरु के प्रसिद्ध कॉफी बागानों की सैर इस पर्यटन पैकेज का एक और आकर्षण है।

इसके अलावा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हम्पी के ऐतिहासिक स्मारकों को भी यात्रा कार्यक्रम में जगह दी गई है।

अंतिम चरण में पर्यटक गोवा के समुद्री तटों और इंडो-पुर्तगाली सांस्कृतिक विरासत का आनंद उठा सकेंगे।

नए स्वरूप में तैयार की गई लग्जरी ट्रेन

पर्यटन विभाग के अनुसार, नए सीजन से पहले गोल्डन चैरियट का तकनीकी रखरखाव और आधुनिकीकरण किया गया है।

मई से अगस्त के बीच मैसूर स्थित रेलवे कार्यशाला में ट्रेन की निर्धारित तकनीकी जांच और रखरखाव पूरा किया गया।

इस दौरान ट्रेन के बाहरी स्वरूप में भी बदलाव किए गए हैं, ताकि यात्रियों को अधिक आकर्षक अनुभव मिल सके।

इसके अलावा अतिथि सेवाओं, रसोई व्यवस्था और अन्य सुविधाओं में सुधार किया गया है।

ट्रेन में आधुनिक कॉम्बी ओवन, अधिक क्षमता वाली इंडक्शन प्रणाली और बेहतर जल शुद्धिकरण उपकरण लगाए गए हैं।

इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रा के दौरान भोजन, स्वच्छता और आराम की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

पर्यटकों की सेवा में रहेंगे 60 कर्मचारी

गोल्डन चैरियट में यात्रियों के आराम और सेवा को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

पहली यात्रा में 75 पर्यटकों के लिए करीब 60 कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनमें आतिथ्य सेवा, खानपान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे।

लग्जरी ट्रेन में यात्रियों के लिए वातानुकूलित निजी केबिन, संलग्न स्नानघर और भोजन की सुविधा उपलब्ध रहती है।

इसके अलावा यात्रा कार्यक्रम में शामिल पर्यटन स्थलों की सैर के लिए मार्गदर्शक और परिवहन संबंधी इंतजाम किए जाते हैं।

इस प्रकार यात्रियों को अलग-अलग होटल और परिवहन की व्यवस्था किए बिना कई प्रमुख स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलता है।

पूरे सीजन में संचालित होंगी 13 विशेष यात्राएं

पर्यटन विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए गोल्डन चैरियट की कुल 13 यात्राओं की योजना तैयार की है।

इनमें 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' के अंतर्गत सात यात्राएं संचालित होंगी।

'ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक' के तहत तीन यात्राएं होंगी, जबकि 'ज्वेल्स ऑफ साउथ' के अंतर्गत भी तीन विशेष पर्यटन यात्राएं निर्धारित की गई हैं।

प्राइड ऑफ कर्नाटक और ज्वेल्स ऑफ साउथ के पैकेज पांच रात और छह दिनों के हैं। वहीं ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक तीन रात और चार दिनों की यात्रा है।

इन अलग-अलग पैकेजों के माध्यम से पर्यटकों को अपनी रुचि और उपलब्ध समय के अनुसार यात्रा चुनने का अवसर मिलेगा।

लाखों रुपये है इस शाही यात्रा का किराया

गोल्डन चैरियट का सफर प्रीमियम पर्यटन श्रेणी में आता है। इसके किराये भी सामान्य रेल यात्राओं की तुलना में काफी अधिक हैं।

2026-27 के प्रकाशित पैकेज शुल्क के अनुसार, 'प्राइड ऑफ कर्नाटक' के डीलक्स केबिन का किराया प्रति व्यक्ति लगभग 4.87 लाख रुपये है। यह दो व्यक्तियों द्वारा केबिन साझा करने की शर्त पर आधारित है।

तीन रात और चार दिनों के 'ग्लिम्प्सेस ऑफ कर्नाटक' पैकेज का प्रकाशित डीलक्स शुल्क लगभग 3.31 लाख रुपये प्रति व्यक्ति है।

इन शुल्कों पर पांच प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त लागू है। वास्तविक किराया केबिन की श्रेणी, बुकिंग व्यवस्था और लागू शर्तों के अनुसार बदल सकता है।

यात्रा की तारीखों और शुल्क की जानकारी गोल्डन चैरियट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

पर्यटन मंत्री केजे जॉर्ज ने जताई खुशी

कर्नाटक के पर्यटन मंत्री केजे जॉर्ज ने गोल्डन चैरियट के नए सीजन को लेकर उत्साह व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि इस ट्रेन के माध्यम से राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक विविधता को देश-विदेश के पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन विभाग का उद्देश्य बेहतर आतिथ्य सेवाओं और विशेष पर्यटन अनुभवों के जरिए गोल्डन चैरियट को घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम पर्यटन बाजार में मजबूत पहचान दिलाना है।

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. राम प्रसाद मनोहर ने पहली यात्रा की पूरी बुकिंग को सकारात्मक शुरुआत बताया।

उन्होंने कहा कि आने वाले सीजन में सेवा गुणवत्ता, पर्यटन स्थलों के अनुभव, प्रचार और बुकिंग सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

सरकार लग्जरी पर्यटन को देना चाहती है बढ़ावा

कर्नाटक सरकार राज्य को अंतरराष्ट्रीय लग्जरी पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।

पर्यटन विभाग के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गोल्डन चैरियट को राज्य के प्रमुख पर्यटन उत्पादों में शामिल करने और इसकी पहचान मजबूत बनाने में विशेष रुचि दिखाई है।

सरकार का उद्देश्य ऐसे पर्यटकों को आकर्षित करना है, जो ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और प्रीमियम सुविधाओं के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं।

इससे पर्यटन स्थलों पर स्थानीय सेवाओं, मार्गदर्शकों, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

पहली यात्रा की सफलता पर टिकी निगाहें

गोल्डन चैरियट की 24 अक्टूबर से शुरू होने वाली यात्रा के लिए सभी टिकट बिक जाने से पर्यटन विभाग को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है।

हालांकि, अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती पूरे पर्यटन सीजन के दौरान यात्रियों की रुचि बनाए रखने और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं उपलब्ध कराने की होगी।

पर्यटन विभाग आने वाले महीनों में निर्धारित 13 यात्राओं के जरिए कर्नाटक और दक्षिण भारत की विविध पर्यटन संपदाओं को देश-विदेश के यात्रियों तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।

शनिवार से शुरू होने वाला नया सीजन राज्य के लग्जरी पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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