
बेंगलुरु। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की सरकार के 100 दिनों के कामकाज के तहत कर्नाटक कैबिनेट ने बुधवार को किसानों, औद्योगिक श्रमिकों, छात्रों, युवाओं और आम जनता से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी। कैबिनेट के फैसलों में किसानों को राहत देने और खेती के लिए छोड़ी गई जमीन को दोबारा कृषि उपयोग में लाने के उद्देश्य से शुरू की जाने वाली ‘मुख्यमंत्री नेगिला योगी’ योजना को विशेष महत्व दिया गया है।
सरकार के मुताबिक इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन छोटे और सीमांत किसानों को खेती से दोबारा जोड़ना है, जो ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी की कमी के कारण अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को जमीन की जुताई की सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टर किराए पर लेने के साथ कृषि विभाग के पास उपलब्ध मशीनरी का इस्तेमाल करेगी।
152.28 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत
‘मुख्यमंत्री नेगिला योगी’ योजना की शुरुआती लागत 152.28 करोड़ रुपये तय की गई है। इसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करने का फैसला किया गया है। योजना के पहले चरण में राज्य के प्रत्येक जिले से एक तालुक को चुना जाएगा। इस तरह कुल 31 तालुकों में योजना लागू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल के जरिए ऐसी जमीन को दोबारा खेती के दायरे में लाया जा सकेगा, जो लंबे समय से कृषि गतिविधियों से बाहर है। छोटे और सीमांत किसानों के पास अक्सर अपनी जमीन की जुताई के लिए ट्रैक्टर या अन्य मशीनें खरीदने के पर्याप्त संसाधन नहीं होते। ऐसे में मशीनरी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण जमीन खाली रह जाती है।
सरकार अब इस समस्या को दूर करने के लिए किसानों को शुरुआती स्तर पर मुफ्त जुताई सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है।
तीन एकड़ तक जमीन वाले किसानों को लाभ
योजना के तहत तीन एकड़ तक कृषि भूमि वाले किसान पात्र होंगे। खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों को इसमें शामिल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाना है, जिनके पास जमीन तो है, लेकिन मशीनरी की कमी के कारण वे खेती नहीं कर पा रहे हैं।
सरकार स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर किराए पर लेगी। इसके अलावा कृषि विभाग के पास उपलब्ध मशीनों का भी इस्तेमाल जमीन की जुताई के लिए किया जाएगा। इससे किसानों को जुताई के शुरुआती खर्च से राहत मिलेगी और वे अपनी जमीन पर दोबारा फसल लेने के लिए प्रेरित हो सकेंगे।
करीब 500 ट्रैक्टर खरीदने पर विचार
योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए राज्य सरकार करीब 500 ट्रैक्टर खरीदने पर भी विचार कर रही है। यदि ट्रैक्टरों की खरीद को मंजूरी मिलती है तो इससे विभिन्न क्षेत्रों में जुताई की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार के सामने यह चुनौती भी होगी कि उपलब्ध मशीनरी का उपयोग जरूरतमंद किसानों तक समय पर कैसे पहुंचाया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग और प्रशासन के माध्यम से व्यवस्था विकसित की जाएगी।
योजना का उद्देश्य केवल एक बार खेत की जुताई करना नहीं, बल्कि किसानों को अपनी जमीन पर नियमित रूप से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
सफल होने पर सभी तालुकों में विस्तार
सरकार ने योजना को फिलहाल सीमित स्तर पर शुरू करने का फैसला किया है, ताकि इसके परिणामों का आकलन किया जा सके। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है और इससे अपेक्षित परिणाम मिलते हैं तो इसे राज्य के सभी तालुकों में लागू किया जाएगा।
इससे योजना का दायरा काफी बढ़ जाएगा और राज्य के अन्य क्षेत्रों के छोटे तथा सीमांत किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
खेती के लिए छोड़ी गई जमीन पर फिर से कृषि
कर्नाटक सरकार का एक प्रमुख उद्देश्य खेती योग्य लेकिन लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रही जमीन को दोबारा कृषि गतिविधियों में लाना है। कई छोटे किसानों के लिए जमीन की जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्यों की मशीनरी तक पहुंच एक बड़ी चुनौती होती है।
कृषि में मशीनरी का इस्तेमाल बढ़ने से कम समय और कम श्रम में खेत तैयार किया जा सकता है। लेकिन छोटे किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीदना या निजी तौर पर किराए पर लेना कई बार आर्थिक रूप से मुश्किल होता है। ऐसे में सरकार की मुफ्त जुताई सुविधा उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
किसानों की लागत घटाने पर जोर
कृषि क्षेत्र में उत्पादन लागत लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। जुताई खेती की शुरुआती और आवश्यक प्रक्रियाओं में शामिल है। यदि किसानों को इसके लिए अलग से बड़ी राशि खर्च करनी पड़े तो छोटे किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
‘मुख्यमंत्री नेगिला योगी’ योजना के तहत जुताई की सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराने से किसानों की शुरुआती लागत कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे किसानों को अपनी जमीन पर खेती शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
100 दिनों के कामकाज में कैबिनेट के कई फैसले
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की सरकार के 100 दिनों के कामकाज के तहत बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के साथ-साथ औद्योगिक श्रमिकों, छात्रों, युवाओं और आम जनता से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इन फैसलों के जरिए सरकार ने विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लिए योजनाओं को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। इनमें किसानों से जुड़ी ‘मुख्यमंत्री नेगिला योगी’ योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
छोटे किसानों के लिए मशीनरी की बाधा दूर करने की कोशिश
योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार जरूरतमंद किसानों तक समय पर ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी उपलब्ध करा पाती है या नहीं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जिन किसानों की जमीन लंबे समय से खाली पड़ी है, वे दोबारा खेती शुरू करने के लिए आगे आएं।
फिलहाल 31 तालुकों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होने वाली यह योजना कर्नाटक सरकार की किसानों को मशीनरी सहायता उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल है। 152.28 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत, तीन एकड़ तक जमीन वाले किसानों की पात्रता और करीब 500 ट्रैक्टर खरीदने के प्रस्ताव के साथ सरकार इसे व्यापक कृषि सहायता कार्यक्रम के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।
यदि शुरुआती चरण में योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं, तो इसका विस्तार पूरे राज्य के सभी तालुकों तक किया जाएगा। इससे खेती के लिए छोड़ी गई जमीन को दोबारा कृषि उपयोग में लाने और छोटे किसानों को खेती से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।





