
बेंगलुरु : बेंगलुरु के कुरुबाराहल्ली सरकारी स्कूल में कार्यरत एक शिक्षिका की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतका राज्य में केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूची के विशेष व्यापक संशोधन (SIR) अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। घटना के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों में चिंता का माहौल है।
मृतक शिक्षिका की पहचान समंथा कुमारी (44) के रूप में हुई है। उन्हें हाल ही में BLO के रूप में नियुक्त किया गया था और वे मतदाता सूची संशोधन से जुड़े कार्यों में लगी हुई थीं। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। तेज बुखार और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, इलाज के दौरान गुरुवार देर रात उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। शिक्षिका की अचानक हुई मौत से स्कूल स्टाफ और परिवार के लोग सदमे में हैं।
बताया जा रहा है कि समंथा कुमारी पर SIR प्रक्रिया को समय पर पूरा करने का दबाव था। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे थे। इसी वजह से वह मानसिक तनाव में थीं।
सहकर्मियों के अनुसार, शिक्षिका ने अधिकारियों से यह भी पूछा था कि क्या उन्हें इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि उनके अनुरोध पर क्या कार्रवाई की गई थी।
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में सुधार, सत्यापन और अन्य संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को BLO की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि चुनाव संबंधी कार्यों के साथ-साथ उन्हें स्कूल की नियमित जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं, जिससे कई बार काम का दबाव बढ़ जाता है।
घटना के बाद शिक्षक संगठनों और कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि अतिरिक्त चुनावी जिम्मेदारियों के दौरान कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
कई शिक्षकों का कहना है कि चुनावी ड्यूटी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो उसे राहत या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
समंथा कुमारी की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से इस मामले की जांच की मांग भी उठ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या काम के दबाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच कोई संबंध था।
हालांकि, मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और संबंधित रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
मतदाता सूची संशोधन का कार्य चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है, जिसमें BLO की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करते हैं और सूची में जरूरी बदलाव के लिए काम करते हैं।
शिक्षिका की मौत ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों पर चुनावी और प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते बोझ को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी जिम्मेदारियों के दौरान समय, संसाधन और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है।
फिलहाल समंथा कुमारी के निधन से स्कूल और शिक्षा विभाग में शोक का माहौल है। उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई जा रही है और कर्मचारी समुदाय इस मामले में उचित जांच और आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहा है।





