
बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सप्लीमेंट्री बजट अनुमानों की पहली किस्त को मंजूरी दे दी। कुल 7,042.69 करोड़ रुपये के इस अतिरिक्त बजट में सरकार ने राजस्व और पूंजीगत व्यय दोनों के लिए प्रावधान किया है। इसमें 4,324.35 करोड़ रुपये राजस्व खर्च और 2,718.35 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं।
सरकार के इस अतिरिक्त बजट में ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजना, बेंगलुरु में सड़क विकास तथा युवाओं से संबंधित कार्यक्रमों के लिए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है। सप्लीमेंट्री बजट को वित्त वर्ष के दौरान सामने आई अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और विभिन्न योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 2,918 करोड़
सप्लीमेंट्री बजट में सबसे बड़े प्रावधानों में से एक ‘विकसित भारत—गारंटी फॉर रोजगार एंड लाइवलीहुड मिशन (ग्रामीण)’ योजना के लिए किया गया है। इसके लिए 2,918 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने वाली इस योजना के लिए बड़ी धनराशि का प्रावधान सरकार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस को दर्शाता है। अतिरिक्त राशि से ग्रामीण इलाकों में रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों को गति मिलने और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार के लिए ग्रामीण रोजगार का मुद्दा महत्वपूर्ण है, क्योंकि कृषि पर निर्भर आबादी के लिए साल भर आय के अवसर उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। ऐसे में रोजगार गारंटी और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहारा देने में भूमिका निभा सकता है।
बेंगलुरु की सड़कों के लिए 1,000 करोड़
सप्लीमेंट्री बजट में बेंगलुरु शहर के सड़क विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल प्रावधान किया गया है। देश के प्रमुख आईटी और कारोबारी केंद्रों में शामिल बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों की समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है।
शहर में बढ़ते यातायात दबाव के बीच सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण, सुधार और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने की उम्मीद है।
सरकार के सामने चुनौती यह होगी कि आवंटित धन का इस्तेमाल निर्धारित परियोजनाओं पर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए। बेंगलुरु में सड़क विकास पर होने वाला खर्च शहर की यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को बेहतर करने में कितना प्रभावी साबित होता है, यह परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
युवाओं से जुड़ी योजना के लिए 781 करोड़
सप्लीमेंट्री बजट में ‘भारत जोड़ो यूथ...’ के लिए 781 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जानी है।
युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक भागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में इस मद में अतिरिक्त बजट का प्रावधान युवा वर्ग के लिए सरकारी योजनाओं को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
हालांकि, इस राशि का वास्तविक प्रभाव योजनाओं के स्वरूप और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बजट का लाभ लक्षित युवा वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
राजस्व खर्च के लिए 4,324.35 करोड़
कुल सप्लीमेंट्री बजट में 4,324.35 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए रखे गए हैं। राजस्व खर्च में आम तौर पर सरकार के नियमित संचालन, योजनाओं, सेवाओं और विभिन्न प्रशासनिक जरूरतों से जुड़े खर्च शामिल होते हैं।
इतनी बड़ी राशि के राजस्व प्रावधान से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष के दौरान सरकार को कई योजनाओं और विभागों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत महसूस हुई है। इस राशि के माध्यम से विभिन्न मौजूदा कार्यक्रमों और सरकारी दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
पूंजीगत खर्च के लिए 2,718.35 करोड़
वहीं, 2,718.35 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किए गए हैं। पूंजीगत खर्च का इस्तेमाल आम तौर पर सड़क, भवन, परिवहन और अन्य स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण तथा बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाता है।
बेंगलुरु की सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान इसी पूंजीगत खर्च का प्रमुख हिस्सा है। इससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सरकार की प्राथमिकता सामने आती है।
दोनों सदनों में पारित हुआ बजट
सोमवार को विधानसभा के दोनों सदनों में सप्लीमेंट्री बजट अनुमानों की पहली किस्त को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में अतिरिक्त स्वीकृत राशि खर्च करने का रास्ता साफ हो गया है।
सप्लीमेंट्री बजट किसी भी सरकार की वित्तीय योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। मूल बजट में शामिल प्रावधानों के अलावा वर्ष के दौरान जब अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता होती है तो सरकार पूरक या अतिरिक्त बजट के माध्यम से उसके लिए प्रावधान करती है।
विकास और कल्याण पर संतुलन का प्रयास
कर्नाटक सरकार के 7,042.69 करोड़ रुपये के इस सप्लीमेंट्री बजट में एक तरफ ग्रामीण रोजगार और युवाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु जैसे बड़े शहर के बुनियादी ढांचे के लिए भी पर्याप्त राशि रखी गई है।
ग्रामीण रोजगार के लिए 2,918 करोड़ रुपये और बेंगलुरु की सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान इस अतिरिक्त बजट के प्रमुख हिस्से हैं। इसके अलावा युवाओं से जुड़ी योजना के लिए 781 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
अब सरकार के सामने इन प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती होगी। खासकर बेंगलुरु के सड़क विकास और ग्रामीण रोजगार जैसी योजनाओं में समय पर धन खर्च होने तथा योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने पर नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, 7,042.69 करोड़ रुपये के सप्लीमेंट्री बजट को कर्नाटक सरकार की वित्त वर्ष 2026-27 की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसमें राजस्व खर्च का हिस्सा अधिक है, जबकि पूंजीगत खर्च के जरिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि स्वीकृत राशि का उपयोग कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाता है।





