
बेंगलुरु। NEET पेपर लीक मामले के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण 19 वर्षीय छात्र और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य अमन दीप सिंह के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार नकाबपोश लोगों ने मंगलवार रात जलाहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में उसे रोककर हमला किया।
घटना कथित तौर पर बेंगलुरु के BEL सर्कल के पास हुई। शिकायतकर्ता अमन दीप सिंह के अनुसार, वह मंगलवार रात करीब 10:30 बजे खाना खाने के बाद अपने घर लौट रहे थे, तभी दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने पहले उनकी पहचान की और यह सुनिश्चित किया कि वह वही छात्र हैं जो NEET पेपर लीक मामले के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।
अमन दीप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हमलावरों में से एक व्यक्ति के हाथ में डंडा था। आरोप है कि हमला करने से पहले उसने छात्र से सवाल किया, “क्या तुम मोदी का इस्तीफा चाहते हो?” इसके बाद कथित तौर पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद छात्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमलावरों की पहचान हो पाई है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा सकती है, ताकि हमलावरों के बारे में सुराग मिल सके। इसके अलावा घटना के समय मौजूद संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
AISA से जुड़े छात्र ने आरोप लगाया है कि हमला उसके राजनीतिक और छात्र गतिविधियों में शामिल होने के कारण किया गया। संगठन की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दिए जाने की संभावना है।
NEET पेपर लीक मामला पिछले कुछ समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई छात्र संगठनों और विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस घटना के बाद छात्र संगठनों ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमला केवल छात्र की गतिविधियों के कारण किया गया या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
अमन दीप सिंह ने अपनी शिकायत में हमलावरों के व्यवहार और उनके द्वारा पूछे गए सवाल का उल्लेख किया है। पुलिस अब इस आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है कि क्या यह हमला किसी विशेष उद्देश्य से किया गया था।
घटना ने छात्र राजनीति और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। छात्र संगठनों का कहना है कि असहमति व्यक्त करने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और किसी भी व्यक्ति को इसके लिए हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए।
फिलहाल जलाहल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।





