कर्नाटक
अपने शहर में शुरू करें कारोबार शिवकुमार ने युवाओं को दिया संदेश
Ratna Netam
4 Oct 2026 8:03 PM IST

x
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तटीय और मलनाड क्षेत्रों के लोगों से रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाने के बजाय अपने गृह क्षेत्र में ही कारोबार शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन की संभावनाओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की कोई कमी नहीं है। इनका बेहतर इस्तेमाल कर स्थानीय लोग उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
बेंगलुरु के उल्लाल स्थित कोडागु गौड़ा समाज हॉल में रविवार को आयोजित ‘कैल मुहूर्त जंबारा 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने तटीय और मलनाड क्षेत्रों के लिए विशेष पर्यटन नीति तैयार की है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करने के साथ लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
शिवकुमार ने कहा कि तटीय और मलनाड क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इन इलाकों में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो पर्यटन से जुड़े कई तरह के कारोबार शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि वे केवल नौकरी को ही रोजगार का विकल्प न मानें, बल्कि उद्यमी बनने की दिशा में भी सोचें।
उन्होंने कहा, “नौकरी के लिए कहीं और जाने के बजाय तटीय और मलनाड इलाकों के लोगों को स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करके अपने होमटाउन में बिजनेस शुरू करना चाहिए। आपको मजबूत बनाने के लिए कांग्रेस सरकार ने तटीय और मलनाड इलाकों के लिए एक खास टूरिज्म पॉलिसी बनाई है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष पर्यटन नीति के जरिए सरकार स्थानीय लोगों के लिए ऐसे अवसर तैयार करना चाहती है, जिससे उन्हें अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिले। पर्यटन क्षेत्र में होटल, होमस्टे, स्थानीय खान-पान, परिवहन, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों की संभावनाएं होती हैं। स्थानीय स्तर पर इन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
शिवकुमार ने विशेष रूप से युवाओं को उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उनका कहना था कि बदलते आर्थिक परिवेश में युवाओं को नए अवसरों की पहचान करनी होगी। अपने क्षेत्र की विशेषताओं को समझकर अगर युवा कारोबार की शुरुआत करते हैं तो वे न केवल अपने लिए रोजगार पैदा कर सकते हैं, बल्कि दूसरे लोगों को भी काम दे सकते हैं।
तटीय कर्नाटक और मलनाड क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली, पहाड़ियों, स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाने जाते हैं। शिवकुमार ने इन्हीं विशेषताओं को स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए अवसर में बदलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पर्यटन का फायदा तभी व्यापक स्तर पर स्थानीय लोगों तक पहुंचेगा, जब वे स्वयं इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में भाग लेंगे। स्थानीय स्तर पर व्यवसाय बढ़ने से लोगों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
विशेष पर्यटन नीति के माध्यम से सरकार तटीय और मलनाड इलाकों में मौजूद पर्यटन क्षमता को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाना चाहती है। इसके साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी प्रमुखता देने पर जोर है। क्षेत्रीय परंपराएं, खान-पान, कला और जीवनशैली पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं।
शिवकुमार ने कहा कि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र की क्षमता पर भरोसा करना चाहिए। किसी दूसरे शहर में नौकरी तलाशने के बजाय अपने गांव या शहर में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कारोबार खड़ा करना आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
उन्होंने उद्यमिता को केवल व्यक्तिगत आय तक सीमित नहीं बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब कोई व्यक्ति स्थानीय स्तर पर कारोबार शुरू करता है तो उससे कई अन्य लोगों के लिए भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। पर्यटन क्षेत्र में इसका प्रभाव और व्यापक हो सकता है, क्योंकि एक पर्यटन गतिविधि के साथ परिवहन, भोजन, आवास, स्थानीय उत्पाद और विभिन्न सेवाएं जुड़ी होती हैं।
सरकार की विशेष पर्यटन नीति को स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में पेश किया गया। तटीय और मलनाड क्षेत्रों में पर्यटन आधारित कारोबार को बढ़ावा मिलने से छोटे उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों के लिए बाजार तैयार हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि विकास और पर्यटन को स्थानीय संस्कृति के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी। पारंपरिक आयोजनों, स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक विशेषताओं को पर्यटन का हिस्सा बनाकर लोगों के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
‘कैल मुहूर्त जंबारा 2026’ कार्यक्रम में शिवकुमार ने स्थानीय समुदायों से सरकार की पर्यटन पहल का लाभ उठाने और अपने क्षेत्र में निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यटन के जरिए स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
मुख्यमंत्री के संदेश का प्रमुख केंद्र स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार और उद्यमिता रहा। उन्होंने तटीय और मलनाड क्षेत्रों के लोगों से अपने गृह क्षेत्र की संभावनाओं को पहचानने और उन्हें व्यवसाय में बदलने की दिशा में कदम उठाने को कहा।
सरकार की विशेष पर्यटन नीति के जरिए इन क्षेत्रों में स्थानीय उद्यमिता को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत का बेहतर उपयोग करते हुए पर्यटन को रोजगार और कारोबार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
Next Story





