कर्नाटक

SSLC Results: SSLC परीक्षा-1 के नतीजे, 94.1 प्रतिशत पास

Kavita2
23 April 2026 1:22 PM IST
SSLC Results: SSLC परीक्षा-1 के नतीजे, 94.1 प्रतिशत पास
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में SSLC परीक्षा-1 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। परीक्षा का आयोजन कर्नाटक स्कूल एग्जामिनेशन एंड इवैल्यूएशन बोर्ड द्वारा 18 मार्च से 2 अप्रैल के बीच राज्य भर के हजारों केंद्रों पर किया गया था।

Karnataka में आयोजित इस परीक्षा में इस बार कुल 7,70,209 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 7,24,794 छात्र सफल घोषित किए गए हैं। कुल पास प्रतिशत 94.1 प्रतिशत रहा, जो इस वर्ष के शैक्षणिक प्रदर्शन को मजबूत दर्शाता है।

बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस बार भी छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का पास प्रतिशत 96.18 रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 91.94 दर्ज किया गया है। यह लगातार दूसरे वर्ष है जब छात्राओं ने परीक्षा परिणाम में बेहतर प्रदर्शन किया है।

Karnataka School Examination and Assessment Board द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न जिलों के प्रदर्शन में भी काफी अंतर देखने को मिला है। दक्षिण कन्नड़ जिले ने 98.40 प्रतिशत के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद उडुपी (98.18%), उत्तर कन्नड़ (98.09%), हासन (97.51%) और मांड्या (97.45%) शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे।

दूसरी ओर कुछ जिले अपेक्षाकृत पीछे रहे हैं। कलबुर्गी जिले में 85.06 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके अलावा मधुगिरी (90.26%), चिक्काबल्लापुरा (90.88%), बेंगलुरु दक्षिण (91.65%), यादगीर (91.89%) और चामराजनगर (91.89%) निचले प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल रहे।

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद स्कूलों और घरों में छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखा गया। सफल छात्रों ने अपनी मेहनत और नियमित पढ़ाई को अपनी सफलता का कारण बताया, वहीं असफल छात्रों के लिए पुनः प्रयास का अवसर भी रहेगा।

बोर्ड ने यह परीक्षा 2,870 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की थी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार का परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा है और यह राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का संकेत देता है। विशेष रूप से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में छात्रों का प्रदर्शन संतुलित रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, छात्राओं का बेहतर प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक अंतर कम हो रहा है और लड़कियां लगातार बेहतर परिणाम दे रही हैं।

कुल मिलाकर, SSLC परिणामों ने एक बार फिर कर्नाटक के शिक्षा स्तर को सकारात्मक दिशा में दर्शाया है और छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई के नए अवसर खोले हैं।

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