कर्नाटक

SSLC रिजल्ट 2026: 98.08% कंसोलिडेटेड पासिंग, एग्जाम-2 में 62.98% छात्र सफल

Kavita2
31 May 2026 10:35 AM IST
SSLC रिजल्ट 2026: 98.08% कंसोलिडेटेड पासिंग, एग्जाम-2 में 62.98% छात्र सफल
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Karnataka कर्नाटक: SSLC Exam के इस साल के कंसोलिडेटेड परिणाम में कुल 98.08 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल रहे हैं। शनिवार को घोषित परिणामों में यह भी सामने आया कि एग्जाम-2 में 62.98 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जिससे कुल रिजल्ट में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कंसोलिडेटेड रिजल्ट में 18.04 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है, जो शिक्षा स्तर में सुधार का संकेत माना जा रहा है। इस साल एग्जाम-1 में ही 94.10 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जबकि एग्जाम-2 ने उन छात्रों को दूसरा मौका देकर कुल परिणाम को और बेहतर बना दिया।

एग्जाम-2 में कुल 49,351 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 31,080 छात्र सफल घोषित किए गए हैं। इसके अलावा, 11,854 छात्रों ने अपने अंकों में सुधार के लिए दोबारा परीक्षा दी, जिनमें से 8,385 छात्रों के परिणाम में सुधार दर्ज किया गया है। यह व्यवस्था छात्रों को बेहतर प्रदर्शन का अवसर देने के उद्देश्य से लागू की गई थी।

रिजल्ट का सबसे खास पहलू यह रहा कि इस बार SSLC-2 में पांच छात्रों ने पूर्णांक हासिल किए हैं। इन सभी छात्रों ने 625 में से 625 अंक प्राप्त किए। इनमें से एक छात्र सरकारी स्कूल से है, जबकि बाकी चार छात्र प्राइवेट स्कूलों से हैं। यह उपलब्धि शिक्षा प्रणाली में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और छात्रों की मेहनत को दर्शाती है।

SSLC Exam-2 का यह परिणाम उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्होंने पहली परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया था। दूसरी परीक्षा ने उन्हें सुधार का एक और मौका दिया, जिसका कई छात्रों ने सफलतापूर्वक लाभ उठाया।

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस बार का कुल परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। लगातार सुधार हो रहे परिणाम यह संकेत देते हैं कि परीक्षा प्रणाली और तैयारी दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दो-चरणीय परीक्षा प्रणाली छात्रों पर दबाव कम करने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देने में मददगार साबित हो रही है। इससे छात्रों को अपनी कमजोरियों को सुधारने का समय मिलता है और अंतिम परिणाम अधिक संतुलित बनता है।

कुल मिलाकर इस वर्ष का SSLC परिणाम शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उच्च पास प्रतिशत और टॉप स्कोरर्स की बढ़ती संख्या शामिल है।

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