
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक की श्रृंगेरी विधानसभा सीट से जुड़े चुनावी विवाद में नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस नेता टी डी राजेगौड़ा, जो हाई कोर्ट के निर्देश पर पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती के बाद BJP उम्मीदवार डी एन जीवराज से हार गए थे, ने अब राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
अपनी अर्जी में राजेगौड़ा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आपराधिक साजिश, जालसाजी और धोखाधड़ी के जरिए बैलेट पेपरों के साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए 13 मई 2023 को हुई पहली गिनती के सभी CCTV फुटेज उनकी उपस्थिति में दोबारा जांचे जाएं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि BJP उम्मीदवार डी एन जीवराज ने केवल 279 रिजेक्ट किए गए पोस्टल बैलेट पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने इन बैलेट की दोबारा जांच का आदेश दिया था। इसी आदेश के बाद पुनर्गणना प्रक्रिया शुरू हुई थी।
राजेगौड़ा ने आरोप लगाया कि 2 मई 2026 को हुई दोबारा गिनती के दौरान स्थिति संदिग्ध रही। उन्होंने कहा कि रिजेक्ट किए गए पोस्टल बैलेट में से केवल आठ बैलेट ही पुनः गिनती के लिए स्वीकार किए गए, जिनमें से तीन टेक्निकल कारणों से रिजेक्ट थे। बाकी पांच बैलेट में से तीन उनके पक्ष में और दो जीवराज के पक्ष में पाए गए।
उन्होंने आगे दावा किया कि उनके पक्ष के 257 वैध बैलेट को डबल-एंट्री के आधार पर गलत तरीके से रिजेक्ट कर दिया गया। राजेगौड़ा ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वैध बैलेट को रिजेक्ट करना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया में संभव नहीं है और यह गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
कांग्रेस नेता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
यह विवाद सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।





